मागाठाणे विधानसभा सीट: शिवसेना की हैट्रिक पर संदेह, ठाकरे गुट से मिल सकती है कड़ी टक्कर
मागाठाणे विधानसभा सीट शिवसेना के लिए अहम सीट है। अविभाजित शिवसेना पिछले दो चुनावों से यहां जीत हासिल करते हुए नजर आ रही है। लेकिन इस बार कौन सी पार्टी यहां से जीत हासिल करती है यह देखना वाकई दिलचस्प होगा।
- Written By: अनिल सिंह
मुंबई: मागाठाणे विधानसभा सीट मुंबई सबर्ब की 26 सीटों में से एक है और यह अविभाजित शिवसेना की अहम सीट रही है। क्योंकि 2014 और 2019 में प्रकाश सुर्वे ने अविभाजित शिवसेना के लिए यहां से जीत हासिल की थी। जबकि 2009 में प्रवीण दरेकर ने महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के लिए यहां से जीत हासिल की थी। शिवसेना में हुए दो फाड़ के कारण ये सीट काईन सी शिवसेना के खाते में जाती है यह देखना दिलचस्प होगा।
2008 में हुए परिसीमन के बाद यह सीट अस्तित्व में आई है। उसके बाद 2009 में प्रवीण दरेकर ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के लिए यहां से जीत हासिल की। वहीं 2014 और 2019 के चुनाव की अगर बात करें तो प्रकाश सुर्वे शिवसेना (अविभाजित) के लिए यहां से जीत हासिल करने में कामयाब हुए थे। प्रवीण दरेकर ने अब बीजेपी का दामन थाम लिया है। तो वहीं प्रकाश सुर्वे शिंदे गुट की शिवसेना के साथ हैं। यहां पर मुकाबला शिवसेना बनाम शिवसेना भी देखने को मिल सकता है।
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शिंदे गुट की शिवसेना का पलड़ा भारी
प्रकाश सर्वे ने भले ही शिंदे गुट का दामन थाम लिया है लेकिन उन्होंने इलाके में काम किया है और इसका फायदा उन्हें इस चुनाव में मिल सकता है। ऐसे में शिंदे गुट की शिवसेना का पलड़ा यहां पर इस बार भारी है।
कब किसने मारी बाजी
2019: प्रकाश राजाराम सुर्वे, एसएचएस
2014: प्रकाश सुर्वे, एसएचएस
2009: प्रवीण यशवंत दरेकेर, मनसे
मागाठाणे विधानसभा सीट का जातीय समीकरण
मागाठाणे विधानसभा सीट के अंतर्गत कुल मतदाताओं की संख्या 2,63,684 के आसपास है। यहां पर 100 फीस भी आबादी शहर में रहती है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों की संख्या यहां पर 6 फीसदी के आसपास है। वहीं मुस्लिम वोटर की अगर बात करें तो यह आबादी चार फीसदी के आसपास है। यहां पर मराठी वोटर की संख्या अधिक है। ऐसे में यह इलाका शिवसेना का गढ़ माना जाता है। लेकिन शिवसेना में दो फाड़ होने की वजह से चुनावी समीकरण में बदलाव इस चुनाव में देखने मिलेगा। देखना यह होगा कि दोनों शिवसेना में से यहां बाजी कौन मारता है।
