जम्मू-कश्मीर चुनाव: करीब 40% प्रवासी कश्मीरी पंडितों ने डाला वोट
जम्मू-कश्मीर में इस बार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में बीते बुधवार को करीब 40% प्रवासी कश्मीरी पंडितों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है।
- Written By: राहुल गोस्वामी
40% प्रवासी कश्मीरी पंडितों ने डाला वोट
जम्मू: जम्मू-कश्मीर में इस बार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में बीते बुधवार को करीब 40% प्रवासी कश्मीरी पंडितों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है। वहीं इस विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 26 सीटों के लिए हुए मतदान में 56 % से अधिक मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया।
जानकारी दें कि प्रवासी कश्मीरी पंडितों के लिए जम्मू, दिल्ली और उधमपुर में 24 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे। इस बाबत राहत एवं पुनर्वास आयुक्त अरविंद करवानी ने बताया कि, ‘‘विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में जम्मू के 19 मतदान केंद्रों पर करीब 40 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि उधमपुर में 37 प्रतिशत और दिल्ली में 43 प्रतिशत वोटिंग हुई।”
वहीं चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 3,514 पुरुषों और 2,736 महिलाओं समेत कुल 6,250 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। सबसे ज्यादा 2,796 वोट हबकदल निर्वाचन क्षेत्र में डाल गए, जो कभी कश्मीरी पंडितों का गढ़ हुआ करता था। उसके बाद लाल चौक में 909 और जदीबल में 417 वोट डाले गए।
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इससे पहले चरण में 18 सितंबर को जम्मू में दक्षिण कश्मीर की सीटों के लिए 34,000 में से 9,218 कश्मीरी पंडितों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था, जबकि बुधवार को दूसरे चरण में मध्य कश्मीर सीट के लिए 15,500 से अधिक मतदाताओं में से 6,250 ने मतदान किया।
बता दें कि छह जिलों में 26 सीटों के प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं थीं, लेकिन इनमें से 20 क्षेत्रों में 2014 के विधानसभा चुनावों की तुलना में थोड़ा कम मतदान हुआ था, जब कुल मतदान 60 % रहा था। बीते 18 सितंबर को हुए पहले चरण के चुनाव में करीब 61.38 % मतदान हुआ था।
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दूसरे चरण के दौरान, विदेशी राजदूतों के 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मतदान देखने के लिए घाटी का दौरा किया। इनमें अमेरिका, नार्वे, सिंगापुर के राजनयिक शामिल थे। आतंकवाद फैलने के बाद से यह पहली बार है कि अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को जम्मू-कश्मीर में चुनाव के निरीक्षण की अनुमति दी गई थी। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस कदम की आलोचना की और कहा कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव देश का आंतरिक मामला है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
