Navabharat Nishanebaaz: अपने नाम की बड़ी कीमत, कोई तो समझे इसकी अहमियत
Electoral Roll Revision: मतदाता सूची, योजनाओं और पहचान के सवालों के बीच नाम की अहमियत पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की गई है। चर्चा इस बात पर है कि पहचान में नाम बड़ा है या नंबर।
- Written By: अंकिता पटेल
(सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
Voter Name Verification Drive: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर के मामले में चुनाव आयोग को क्लीन चिट दे दी लेकिन बंगाल के लाखों मतदाताओं की जबान पर सवाल है कि मेरा नाम कहां है? महाराष्ट्र में लाडकी बहीण योजना से भी अपात्र महिलाओं के नाम हटाए जा सकते हैं।’ ‘हमने कहा, ‘शेक्सपियर ने कहा था कि व्हॉट इज इन ए नेम अर्थात नाम में क्या रखा है, नाम तो सिर्फ पहचान के लिए रहता है। जेल में कैदी को नाम से नहीं, नंबर से पुकारते हैं। परीक्षार्थी का रोल नंबर ही उसकी पहचान होता है। नंबर को महत्व देते हुए गाना लिखा गया था ये दुनिया एक नंबरी तो मैं हूं दस नंबरी!’
पड़ोसी ने कहा’ ‘निशानेबाज, नाम की वजह से ही कोई नामवर होता है तो कोई बदनाम। कलियुग में भगवान का नाम स्मरण ही एकमात्र आधार है। प्रसिध्द लोगों को उर्दू में नामचीन हस्ती कहते हैं। नाम रखने के लिए बाकायदा नामकरण संस्कार किया जाता है। बंगाल में शिशुजन्म पर घर की बुजुर्ग महिला उनका जन्म नाम रखती है, जो डाक नाम या घरेलू बोलचाल का नाम रहता है। उसका बाहर प्रचलित अधिकृत नाम भालो नाम कहलाता है। इस मुद्दे को लेकर झुंपा लाहिड़ी ने दि नेमसेक’ नामक रोचक उपन्यास लिखा। इस पर फिल्म भी बन चुकी है। जेम्स बॉन्ड की फिल्मों में भी हीरो खुद का नाम बताता है माय नेम इज बॉन्ड, जेम्स बॉन्ड ! आपने देव आनंद की फिल्म ‘जॉनी मेरा नाम देखी होगी। हीरोईन भी गाते हुए अपना नाम बताती है मेरा नाम है चमेली, मैं हूं मालन अलबेली, चली आई हूं अकेली बीकानेर से!’
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हमने कहा, ‘महाराष्ट्र में उम्र के साथ नाम का विकास होता चला जाता है। बच्चे को बाळा या बाल्या कहते हैं। बड़ा होकर वह बालासाहेब ठाकरे कहलाने लग जाता है। राजकपूर ने ‘जिस देश में गंगा बहती है’ फिल्म में गाया था मेरा नाम राजू, घराना, अनाम, बहती है गंगा जहां, मेरा धाम! अमिर खान की फिल्म में गाना था पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा, बेटा हमारा ऐसा काम करेगा !
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
