

मैनपुरी: उत्तर प्रदेश की 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं। इन उपचुनाव को बीजेपी एक बार फिर उस मौके के तौर पर देख रही है जब वह सपा के गढ़ में कमल खिला सकती है। यही वजह है कि बीजेपी पूरी तरह से सक्रिय दिखाई दे रही है। रविवार को सूबे के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक मैनपुरी के करहल पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ मीटिकर कर के चुनावी रणनीति पर बात की है।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करहल विधानसभा सीट की जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक को सौंपी है। इसी के चलते वह रविवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव के गढ़ करहल पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी रणनीति तैयार की। जिससे वह इस बार मौके को भुनाते हुए यहां कमल खिला सके।
करहल में कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद डिप्टी बृजेश पाठक ने कहा कि करहल विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी जीत दर्ज करने जा रही है। केंद्र और प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाएं लोगों तक पहुंच चुकी हैं। लोगों का मानना है कि इस बार करहल में भाजपा भारी बहुमत से जीतेगी।
उन्होंने कहा कि करहल विधानसभा सीट पर अभी प्रत्याशी तय नहीं हुआ है। हमारी पार्टी को अभी इस पर फैसला लेना है। जैसे ही प्रत्याशी का नाम फाइनल होगा, मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी जाएगी। गौरतलब है कि मैनपुरी की करहल सीट समाजवादी पार्टी का गढ़ मानी जाती है। 1993 के बाद एक चुनाव को छोड़कर सपा प्रत्याशियों को कोई हरा नहीं सका है।
अखिलेश यादव ने अपना पहला विधानसभा चुनाव भी इसी सीट से लड़ा था। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी अखिलेश यादव करहल सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल को हराया है। अखिलेश यादव 2024 के लोकसभा चुनाव में कन्नौज लोकसभा सीट जीतकर लोकसभा पहुंचे हैं। कन्नौज से सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। तब से यह सीट खाली है। ऐसे में सपा उपचुनाव में इस सीट पर अपना दबदबा कायम रखना चाहती है।