अभिषेक बनर्जी (सोर्स- आईएएनएस)
Abhishek Banerjee Statement: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा शुक्रवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए संकल्प पत्र (चुनावी घोषणा पत्र) जारी करने के बाद तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने इस घोषणा पत्र की तुलना चिट फंड या पोंजी स्कीम द्वारा किए जाने वाले अधिक रिटर्न वाले वादों से की। अभिषेक बनर्जी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “भाजपा के वादे चिट फंड जैसे हैं। उनके वादों का कोई मूल्य नहीं है।
भाजपा के घोषणा पत्र में बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपए भत्ता देने का वादा भी एक और जुमला है। भाजपा पहले विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों के जरिए पश्चिम बंगाल पर नियंत्रण करने की कोशिश कर चुकी है। जब वे उसमें असफल रहे तो अब वे महिलाओं और युवाओं को आर्थिक सहायता के झूठे वादों से लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा संघीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास नहीं करती।”
इस मौके पर अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि घोषणा पत्र जारी करने से पहले केंद्रीय गृह मंत्री को पश्चिम बंगाल के लोगों से उस उत्पीड़न के लिए माफी मांगनी चाहिए जो उन्हें इस प्रक्रिया के दौरान झेलना पड़ा। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के व्यवहार के कारण भाजपा अगले 20 वर्षों तक विपक्ष में ही रहेगी।
अभिषेक बनर्जी ने यह भी कहा कि भाजपा ने पहले भी चुनाव से पहले किए गए कई वादों को भुला दिया है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उन्होंने काले धन को वापस लाने का वादा किया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। जीएसटी को बिना योजना के लागू करने से देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई। अब वे लोगों के मूल अधिकार छीनने में लगे हैं।
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अभिषेक बनर्जी ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में आयुष्मान भारत योजना को लागू क्यों नहीं किया? हमने आयुष्मान भारत का विरोध किया क्योंकि अगर हम इसे लागू करते तो लगभग 90 प्रतिशत लोगों को बीमा लाभ नहीं मिल पाता क्योंकि इसमें कई शर्तें थीं इसलिए हमने अपनी खुद की ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना लागू की, जिसमें कोई शर्त नहीं है। कोई भी व्यक्ति राज्य की इस योजना का लाभ ले सकता है।
एजेंसी इनपुट के साथ…