यमुना सफाई मिशन पर दिल्ली में BJP सरकार, AAP पर बरसे मंत्री प्रवेश वर्मा; कहा- 'पिछली सरकार ने कुछ नहीं किया, अब हम दिखाएंगे काम'

प्रवेश वर्मा ने कहा कि हम श्री निवासपुरी क्षेत्र में जलभराव की समस्या को पहले से हल करने आए हैं। अधिकारियों ने हमें भरोसा दिलाया है कि सभी नालियों की सफाई एक महीने के भीतर पूरी कर दी जाएगी।
यमुना सफाई मिशन पर दिल्ली में BJP सरकार, AAP पर बरसे मंत्री प्रवेश वर्मा; कहा- 'पिछली सरकार ने कुछ नहीं किया, अब हम दिखाएंगे काम'
प्रवेश वर्मा, फोटो - नवभारत मीडिया आर्काइव
Published on: 
Updated on: 

नई दिल्ली : दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने शनिवार, 12 मार्च को पूर्व आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की सभी नालियों को एक महीने के भीतर साफ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार मानसून से पहले जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान चाहती है।

प्रेस को संबोधित करते हुए प्रवेश वर्मा ने कहा, “हम श्री निवासपुरी क्षेत्र में जलभराव की समस्या को पहले से हल करने आए हैं। अधिकारियों ने हमें भरोसा दिलाया है कि सभी नालियों की सफाई एक महीने के भीतर पूरी कर दी जाएगी। चाहे वहां का विधायक कोई भी हो, हम पूरी दिल्ली को साफ करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने इस दिशा में कोई काम नहीं किया।”

मानसून से पहले युद्ध स्तर पर तैयारी

दिल्ली सरकार ने बाढ़ और सिंचाई विभाग को विशेष जिम्मेदारी दी है कि वे सभी प्रमुख और गौण नालियों की समय पर डीसिल्टिंग करें। यह सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है कि मानसून में जलभराव जैसी परेशानी सामने न आए।

यमुना सफाई बनी प्राथमिक मुद्दा

दिल्ली विधानसभा चुनाव में यमुना नदी की सफाई एक बड़ा चुनावी मुद्दा था। बीजेपी ने इसे अपने घोषणापत्र में शीर्ष प्राथमिकता बताया और सत्ता में आने के बाद काम भी शुरू कर दिया। 16 फरवरी को यमुना में ट्रैश स्किमर, वीड हार्वेस्टर और ड्रेज यूटिलिटी वाहन तैनात किए गए। प्रवेश वर्मा ने कहा कि पिछली सरकार सिर्फ वादे करती रही, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। वहीं, बीजेपी सरकार तीन साल के भीतर यमुना को साफ करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। दिल्ली की अन्य खबरों को पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

टेरिटोरियल आर्मी को दी गई बड़ी जिम्मेदारी

यमुना को डंपिंग, अतिक्रमण, अवैध खनन और जल चोरी से बचाने के लिए अब टेरिटोरियल आर्मी की सहायता ली जा रही है। उनकी इकोलॉजिकल टास्क फोर्स को जल्द ही तैनात किया जाएगा, जो नदी की रक्षा और निगरानी का काम करेगी। यमुना की गंभीर स्थिति को देखते हुए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। गंदा सीवेज, औद्योगिक कचरा, प्लास्टिक कूड़ा, अवैध रेत खनन और अतिक्रमण ने नदी को प्रदूषित कर दिया है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com