महाराष्ट्र के इस ओबीसी नेता को राहुल गांधी और शरद पवार ने दिया धोखा! महायुति से की थी बगावत, जानें क्या है मामला

पिछले साल महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति से नाता तोड़ने वाले महादेव जानकर को शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार से निराशा हाथ लगी।
महाराष्ट्र के इस ओबीसी नेता को राहुल गांधी और शरद पवार ने दिया धोखा! महायुति से की थी बगावत, जानें क्या है मामला
शरद पवार, राहुल गांधी और महादेव जानकर (डिजाइन फोटो)
Published on
Updated on

नई दिल्ली: अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर महाराष्ट्र के ओबीसी नेता महादेव जानकर ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक कार्यक्रम आयोजित किया। पिछले साल महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति से नाता तोड़ने वाले महादेव जानकर को शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार से निराशा हाथ लगी।

एक प्रमुख धनगर नेता और राष्ट्रीय समाज पक्ष के संस्थापक जानकर को उम्मीद थी कि शनिवार को यहां तालकटोरा स्टेडियम में, होल्कर वंश की रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती से संबंधित समारोह में गांधी, पवार और समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव उपस्थित होंगे।

कांग्रेस की तरफ से गए हर्षवर्धन सपकाल

हालांकि, कांग्रेस ने राहुल गांधी के बजाय महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल को अहिल्याबाई होलकर की जयंती समारोह के लिए भेजा। जानकर पिछले 5 सालों से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यह समारोह आयोजित कर रहे हैं।

विधानसभा चुनाव से पहले छोड़ा महायुति का साथ

महादेव जानकर राष्ट्रीय समाज पक्ष के संस्थापक हैं। वे कभी भाजपा के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे के करीबी रहे जानकर 2015 में भाजपा के समर्थन से महाराष्ट्र विधानपरिषद के सदस्य चुने गए थे और देवेन्द्र फडणवीस सरकार में मंत्री बने थे। पिछले साल महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले जानकर के भारतीय जनता पार्टी के साथ संबंध खराब हो गए थे, जिसके बाद उन्होंने अपना अलग रास्ता चुना।

महादेव जानकर का तब से विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) की ओर झुकाव बढ़ा है। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में गांधी से मुलाकात कर उन्हें तालकटोरा स्टेडियम में होने वाले कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया था।

जानकर ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा कि पिछले साल विधानसभा चुनावों से पहले महायुति के साथ गठबंधन करना एक गलती थी। उन्होंने कहा कि पवार ने कुछ मुद्दों के कारण कार्यक्रम में शामिल होने में असमर्थता व्यक्त की थी, जबकि गांधी ने समारोह के लिए सपकाल का नाम तय किया था।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com