दिल्ली में धूल प्रदूषण पर काबू पाने के लिए शुरू होगा 'मिस्ट स्प्रे ड्रोन' का इस्तेमाल, जानिए कैसे करेगा यह काम

ड्रोन को 13 चिन्हित प्रदूषण स्थलों पर पानी का छिड़काव करने तथा वायु की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इससे धूल के कणों को नीचे बैठाने, 'पार्टिकुलेट मैटर' (पीएम) की मात्रा को कम करने तथा जन स्वास्थ्य और पर्यावरण पर वायु प्रदूषण के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने में मदद मिलेगी।
दिल्ली में धूल प्रदूषण पर काबू पाने के लिए शुरू होगा 'मिस्ट स्प्रे ड्रोन' का इस्तेमाल, जानिए कैसे करेगा यह काम
प्रतीकात्मक तस्वीर
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नई दिल्ली : दिल्ली में वायु प्रदूषण काफी ज्यादा बढ़ गई है। दिल्ली का वायु प्रदूषण खासकर दीपावली के बाद से ज्यादा प्रभावित हुआ है। दिल्ली सरकार अत्यधिक वायु प्रदूषण वाले क्षेत्रों में धूल प्रदूषण से निपटने के साथ-साथ प्रमुख प्रदूषकों से संबंधित डेटा एकत्र करने के लिए तीन 'मिस्ट स्प्रे ड्रोन' किराये पर लेने जा रही है। अधिकारियों ने गुरुवार को इस बात की जानकारी दी है।

अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इन ड्रोन को 13 चिन्हित प्रदूषण स्थलों पर पानी का छिड़काव करने तथा वायु की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी बताया कि इससे धूल के कणों को नीचे बैठाने, 'पार्टिकुलेट मैटर' (पीएम) की मात्रा को कम करने तथा जन स्वास्थ्य और पर्यावरण पर वायु प्रदूषण के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने में मदद मिलेगी।

दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "हॉटस्पॉट क्षेत्रों में 15 दिनों के परीक्षण के तौर पर तीन ड्रोन संचालित करने के लिए एक विक्रेता को नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।" अधिकारियों ने बताया कि यद्यपि प्रायोगिक अध्ययन 15 दिनों के लिए योजनाबद्ध है, लेकिन यदि परीक्षण संतोषजनक रहा तो अवधि और ड्रोन की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

आपको जानकारी के लिए बताते चलें  कि दिल्ली अक्टूबर महीने में भारत का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां की हवा में ‘पीएम 2.5′ (सूक्ष्म कण प्रदूषण) का औसत स्तर 111 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था। एक नए विश्लेषण से यह जानकारी सामने आई है, जिसके अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अधिकतर शहर प्रदूषण के शीर्ष 10 में शामिल थे।

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