साफ हुई दिल्ली की हवा! नए साल के दूसरे दिन NCR से हटा GRAP-3; जानें अब किन कामों को मिली इजाजत

Delhi NCR: ग्रैप-3 की पाबंदियों में गैर-जरूरी कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन एक्टिविटीज को रोक दिया जाता है। स्टोन क्रशिंग और माइनिंग ऑपरेशन भी बंद कर दिए जाते हैं। वर्क फ्रॉम हो की सलाह जारी की जाती है।
GRAP-3 restrictions lifted from Delhi-NCR
दिल्ली-NCR से हटी GRAP-3 की पाबंदियां, (सोर्स-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

GRAP-3 Lifted From Delhi-NCR: दिल्ली-एनसीआर में आज (2 जनवरी) प्रदूषण स्तर में सुधार के मद्देनजर GRAP-3 के तहत लगी पाबंदियां हटाई गईं। अब सिर्फ ग्रैप 1 और 2 के तहत लगी पाबंदियां जारी रहेंगी। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के मुताबिक, दिल्ली में AQI 1 जनवरी को 380 दर्ज किया था और इसमें आज (2 जनवरी) को सुधार देखा गया।

आज शुक्रवार, (2 जनवरी) की शाम 4 बजे ये 236 दर्ज किया गया। ऐसे में AQI में सुधार को देखते हुए GRAP-3 की पाबंदियों को हटाने का फैसला लिया गया। स्टेज-3 तब लागू किया जाता है, जब एक्यूआई 401 से 450 के बीच पहुंच जाता है।

GRAP-3 हटने से क्या-क्या बदलेगा?

दिल्ली-एनसीआर में खुले में कचरा अब भी नहीं जलाया जा सकेगा। इमरजेंसी की स्थिति में डीजल वाले जेनेरेटर चलाए जा सकेंगे। ग्रेप का पहला चरण AQI 201–300, दूसरा चरण AQI 301–400 और चौथा चरण AQI 450 के ऊपर लागू किया जाता है। GRAP-3 की पाबंदियों में गैर-जरूरी कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन एक्टिविटीज को रोक दिया जाता है। स्टोन क्रशिंग और माइनिंग ऑपरेशन भी बंद कर दिए जाते हैं। वर्क फ्रॉम हो की सलाह जारी की जाती है। इसके साथ ही दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाली डीजल बसों पर भी रोक लगा दी जाती है।

GRAP-2 के दौरान क्या होता है?

गौरतलब है कि दिल्ली में जब प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगता है तब ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) लागू किया जाता है। ग्रैप के दूसरे चरण की पाबंदियों में मुख्य सड़कों पर रोजाना मैकेनिकल स्वीपिंग और पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों पर सख्त जांच और धूल नियंत्रण उपाय, आपात सेवाओं को छोड़कर डीजल जेनरेटर के उपयोग पर प्रतिबंध , ट्रैफिक जाम कम करने के लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी, निजी वाहनों को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे उपाय किए जाते हैं।

इस दौरान दिल्ली में इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-VI मानक की डीजल बसों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाती है. आप लोगों से अपील की जाती है कि वो सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।

दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली

गौरतलब है कि हर बार की तरह इस बार भी ठंड के शुरुआती समय से ही दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ नजर आया है। दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण को देखते हुए समय-समय पर कई तरह की पाबंदिया लगाई जाती हैं। वहीं, वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार होने पर धीरे-धीरे पाबंदियों को हटा लिया जाता है। नवंबर-दिंसबर के दौरान राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में प्रदूषण की समस्या गंभीर बनी रहीं, जिसको देखते हुए बच्चों के स्कूलों तक को बंद करना पड़ा था।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com