प्रतिकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
गांधीनगर: गुजरात के अहमदाबाद में एक चौकाने वाली खबर सामने आई है। हाल ही में राज्य में एक व्यापारी की हत्या करने की साजिश रचने का मामला सामने आया था, जिसमें पुलिस ने एक 42 वर्षीय तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन, पुलिस हिरासत में आरोपी की मौत हो गई। मौत के पहले आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया था। जिससे हत्या करने का उसका जो तरीका था, वो जानकर पुलिस भी हैरान रह गई।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक एक तांत्रिक व्यापारी की हत्या करने की साजिश रच रहा था लेकिन इससे पहले वह कामयाब हो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। लेकिन, पुलिस हिरासत में ही आरोपी ने दम तोड़ दिया।आरोपी का नाम नवल सिंह चावड़ा बताया जा रहा है। दरअसल, नवल सिंह चावड़ा के प्लान के बारे में उसके टैक्सी बिजनेस पार्टनर ने पुलिस को जानकारी दी थी। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने चावड़ा को गिरफ्तार किया था।
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पुलिस हिरासत में आरोपी की मौत
पुलिस ने चावड़ा की खुफिया गतिविधियों और मानव बलि में संभावित सहभाग की जांच के लिए 10 दिसंबर को सुबह 3 बजे तक उसकी हिरासत हासिल कर ली थी। रविवार सुबह करीब 10 बजे चावड़ा की हालत बिगड़ गई और आरोपी को एंबुलेंस से सिविल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में अधिकारी ने बताया कि इससे पहले पूछताछ के दौरान आरोपियों ने 12 लोगों की हत्या की बात कबूल की।
तांत्रिक ने कबूली हत्या की बात
पुलिस ने जानकारी दी है कि आरोपी पहले पीड़ितों की संपत्ति बढ़ाने या उनकी समस्याओं का समाधान करने का ऑफर देता था। फिर एक कथित धार्मिक विधि के दौरान पीड़ितों को छुपके से पानी में सोडियम नाइट्रेट घोलकर पिलाया करता था। इसी तरह उसने कुल 12 लोगों की हत्या करने की बात कबूल की है। चावड़ा ने अहमदाबाद में एक, सुरेंद्रनगर में अपने परिवार के तीन सदस्यों समेत छह लोगों की हत्या कर दी। राजकोट में तीन और वांकानेर और अंजार में एक-एक व्यक्ति की हत्या की थी। आरोपी ने एक और व्यक्ति की हत्या की बात कबूल की थी, जिसका शव अगस्त 2021 में अहमदाबाद के असलाली इलाके में मिला था। इस शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि मौत जहर के कारण हुई थी।
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अपने ही परिवार की करी थी हत्या
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने 14 साल पहले अपनी दादी और एक साल पहले अपनी मां और चाचा की भी इसी तरह से हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार, चावड़ा ने अपने मूल गांव सुरेंद्रनगर की एक प्रयोगशाला से ड्राई क्लीनिंग में इस्तेमाल होने वाला केमिकल सोडियम नाइट्रेट खरीदा था। अधिकारी ने बताया कि इस मामले में अधिकांश हत्याएं जहर के कारण दिल का दौरा पड़ने से हुई, जबकि अन्य की मौत के कारण की जांच की जा रही है।
हर 15-20 दिन में दिल का दौरा
चावड़ा को इस रसायन के बारे में एक अन्य तांत्रिक से पता चला था। इसका असर इसके सेवन के 15 से 20 मिनट बाद दिखना शुरू हो जाता है। इसके असर से कार्डियक अरेस्ट से मौत हो जाती है। आरोपी ने खुद को ‘भुवाजी’ बताया और जादू और चमत्कार की शक्तियां होने का दावा किया। पुलिस ने कहा कि सुरेंद्रनगर के वधावन में उसका एक आश्रम भी था, जहां वह काला जादू करता था। पुलिस ने चावड़ा की गाड़ी से धार्मिक विधि और सफेद पाउडर समेत कुछ अहम सबूत बरामद किए हैं।