पायलट बनने के लिए कौन-सा एग्जाम देना होगा? यहां है लाइसेंस से लेकर जॉब तक की पूरी डिटेल

Pilot Career Guide: पायलट बनने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए सही एग्जाम, लाइसेंस प्रक्रिया और ट्रेनिंग की जानकारी बेहद जरूरी है। जिसके बाद आप अपने करियर को नए मुकाम पर ला सकते हैं।
Pilot Career Exam and License Guide
पायलट (सौ. फ्रीपिक)
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How to Become a Pilot: एविएशन सेक्टर में बढ़ते अवसरों के साथ पायलट की नौकरी आज के समय में तेजी से उभरती हाई पेइंग करियर में से एक बनती जा रही है। अगर आपने साइंस स्ट्रीम से 12वीं की पढ़ाई की है तो आप भी इस रॉयल जॉब के लिए अपनी उड़ान शुरू कर सकते हैं।

पायलट बनने के लिए का सपना देख रहे हैं तो उसके लिए सही जानकारी, परीक्षा और ट्रेनिंग लेना जरूरी है। जिसके बाद भी एक बेहतर भविष्य की कल्पना की जा सकती है।

12 में इन विषयों का होना जरूरी

पायलट बनने के लिए सबसे पहली शर्त है कि आपने 12वीं कक्षा साइंस स्ट्रीम के साथ पास की हो। आपके इन दोनों मुख्य विषयों में कम से कम 50% अंक होने चाहिए। यदि किसी छात्र ने 12वीं में मैथ्स नहीं पढ़ा है तो वह ओपन बोर्ड से दोबारा परीक्षा देकर योग्यता हासिल कर सकता है।

डीजीसीए मेडिकल टेस्ट

पायलट बनने की प्रक्रिया में शारीरिक और मानसिक फिटनेस सबसे अहम है। इसके लिए DGCA दो स्तरों पर मेडिकल टेस्ट आयोजित करता है।

क्लास-2 मेडिकल: यह शुरुआती जांच है जिसमें आंखों की रोशनी, बीपी, सुनने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य की जांच होती है।

क्लास-1 मेडिकल: कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) पाने के लिए यह अंतिम और सबसे कड़ा टेस्ट है। इसमें पास होने के बाद ही आप पेशेवर उड़ान के पात्र माने जाते हैं।

कैसे शुरु होगी ट्रेनिंग

पायलट की ट्रेनिंग महंगी होती है। भारत या विदेश के फ्लाइंग स्कूल से CPL (Commercial Pilot License) हासिल करने का कुल खर्च ₹35 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक जा सकता है। इसमें ग्राउंड क्लासेस, सिम्युलेटर ट्रेनिंग और करीब 200 घंटे की वास्तविक उड़ान शामिल होती है। आप सीधे फ्लाइंग स्कूल जॉइन कर सकते हैं या पहले DGCA की लिखित परीक्षा पास करके बाद में फ्लाइंग ट्रेनिंग शुरू कर सकते हैं।

चयन प्रक्रिया और सैलरी

एयरलाइंस में पायलट के रूप में शामिल होने के लिए सिर्फ इंटरव्यू काफी नहीं है। उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा, हैंड-आई कोऑर्डिनेशन टेस्ट (पायलट एप्टीट्यूड टेस्ट) और साइकोमेट्रिक टेस्ट से गुजरना पड़ता है।

फर्स्ट ऑफिसर को शुरुआत में 3 लाख प्रति माह सैलरी मिलती है। वहीं कैप्टन को 8 से 10 लाख तक की सैलरी मिलती है। इसके अलावा अनुभवी सीनियर कैप्टन को 15 लाख तक सैलरी मिलती है।

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