महाराष्ट्र के ड्राइवरों को मिलेगा जर्मनी में रोजगार, भाषा सीखने के लिए सरकार देगी खर्च, ऐसे करें आवेदन

महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के दो हजार ड्राइवरों को जर्मनी में रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। जर्मन भाषा सिखाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण की लागत राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। इसकी योजना सोलापुर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा बनाई जा रही है। विदेश में काम करने का अवसर विभिन्न क्षेत्रों में उच्च शिक्षित लोगों तक ही सीमित था।
महाराष्ट्र के ड्राइवरों को मिलेगा जर्मनी में रोजगार, भाषा सीखने के लिए सरकार देगी खर्च, ऐसे करें आवेदन
डिजाइन फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
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सोलापुर: बेरोजगारी से निपटने के लिए महाराष्ट्र सरकार जर्मनी के बाडेन-वुर्टेमबर्ग के लिए कुशल ड्राइवर उपलब्ध कराने जा रही है। यह पहल इस साल की शुरुआत में दोनों राज्यों के बीच हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के बाद की गई है। इन योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा, आतिथ्य और शिल्प कौशल सहित विभिन्न क्षेत्रों से कुशल चालकों की आपूर्ति कराना हैं।

महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के दो हजार ड्राइवरों को जर्मनी में रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। जर्मन भाषा सिखाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण की लागत राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। इसकी योजना सोलापुर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा बनाई जा रही है। विदेश में काम करने का अवसर विभिन्न क्षेत्रों में उच्च शिक्षित लोगों तक ही सीमित था। लेकिन, अब राज्य सरकार द्वारा जर्मन देश के साथ किए गए समझौता ज्ञापन से जिले के बस, रेलवे, ट्रक, हल्के व भारी वाहनों के चालकों को भी मौका मिलेगा।

राज्य में बेरोजगारी को कम करने के लिए जर्मनी के बाडेन-वुटेनबर्ग राज्य में महाराष्ट्र के तकनीकी क्षेत्र में कुशल जनशक्ति प्रदान करने के लिए एक पायलट परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसके अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने फरवरी 2024 में बाडेन-वुर्टेमबर्ग राज्य के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए है। इसे सितंबर से लागू किया जाएगा। लेकिन, इसके लिए संबंधित व्यक्ति को पहली शर्त के तौर पर जर्मन भाषा बोलनी होगी।

जिले में बनाए जाएंगे दस केंद्र

चिकित्सा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, श्रम विभाग सहित क्षेत्रीय परिवहन के अंतर्गत आने वाले कुशल श्रमिकों को जर्मनी जाने का मौका मिलेगा। इनमें नर्स, चिकित्सा सहायक, प्रयोगशाला सहायक, रेडियोलॉजी सहायक, दंत सहायक, देखभाल करने वाले, नौकर, वेटर, होटल प्रबंधक, गोदाम प्रबंधक, बिक्री सहायक, इंजीनियर, राजमिस्त्री आदि जैसे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को जर्मनी में रोजगार के अवसर मिलेंगे। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य जीतेंद्र सालुंखे ने बताया कि जर्मन भाषा प्रशिक्षण के लिए जिले में फिलहाल 5 केंद्र हैं और 5 केंद्र और स्थापित किए जायेंगे।

ऐसे होगा चयन

ऑनलाइन आवेदन भरना होगा। आवेदन की राज्य स्तर पर जांच कर संबंधित जिले को भेजा जाएगा। इसके बाद उन्हें जिले में बने प्रशिक्षण केंद्र से प्रशिक्षण मिलेगा। जर्मन भाषा प्रशिक्षण के दो स्तर हैं। उसके पूरा होने के बाद राज्य स्तरीय परीक्षा आयोजित की जाएगी। फिर जर्मनी जाने का मौका मिलेगा।

सोलापुर के दो हजार चालकों को मिलेगा प्रशिक्षण

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी गजानन नेरपगार ने कहा कि यह प्रशिक्षण जिला स्तर पर दिया जाएगा। जर्मनी के कई देश औद्योगिक रूप से समृद्ध हैं। लेकिन, कुशल जनशक्ति की कमी है। महाराष्ट्र में विभिन्न क्षेत्रों में कुशल जनशक्ति व्यापक रूप से उपलब्ध है। इससे राज्य के युवाओं को जर्मनी में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। जिले में करीब दो हजार चालकों को प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा की जाएगी।

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