- Hindi News »
- Business »
- World Bank Statement On Poverty
वर्ल्ड बैंक ने किया बड़ा खुलासा, 10 सालों में 17.1 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर
वर्ल्ड बैंक की शॉर्ट रिपोर्ट में ये जानकारी दी गई है कि पिछले एक दशक यानी 10 सालों में, भारत ने गरीबी को काफी हद तक कम किया है। गांवों की गरीबी इस दौरान 69 प्रतिशत से घटकर 32.5 प्रतिशत रही है।
- Written By: अपूर्वा नायक

कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
न्यूयार्क : वर्ल्ड बैंक ने भारत में गरीबी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। हाल ही में वर्ल्ड बैंक ने जानकारी देते हुए कहा है कि भारत 2011-12 और 2022-23 के बीच अत्यंत यानी बेहद गरीबी में रहने वाले 17.1 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने में सफल रहा है।
वर्ल्ड बैंक ने भारत को लेकर ‘गरीबी और समानता’ पर अपनी एक रिपोर्ट में कहा ये कहा है कि पिछले एक दशक यानी 10 सालों में, भारत ने गरीबी को काफी हद तक कम किया है। अत्यंत गरीबी यानी प्रतिदिन 2.15 डॉलर से कम पर जीवन यापन करने वाले लोगों की संख्या 2011-12 में 16.2 प्रतिशत से घटकर 2022-23 में 2.3 प्रतिशत पर आ गई है। जिससे ये पता चलता है कि 17.1 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आ पाये हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, देश के ग्रामीण इलाकों यानी गांवों में अत्यंत गरीबी 18.4 प्रतिशत से घटकर 2.8 प्रतिशत पर आ गई, जबकि शहरी क्षेत्र में यह 10.7 प्रतिशत से घटकर 1.1 प्रतिशत पर रही है। इससे ग्रामीण और शहरी अंतर 7.7 प्रतिशत से घटकर 1.7 प्रतिशत पर आ गया। जिसमें सालाना आधार पर 16 प्रतिशत की गिरावट आयी है। इसमें कहा गया है कि भारत लोअर मीडियम इनकम सेगमेंट की कैटेगरी में भी आने में सफल रहा है। इसमें 3.65 डॉलर प्रतिदिन की लोअर मीडियम इनकम सेगमेंट यानी एलएमआईसी गरीबी रेखा का उपयोग करते हुए, गरीबी 61.8 प्रतिशत से घटकर 28.1 प्रतिशत पर आ गई। जिसके कारण 37.8 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आ गये।
सम्बंधित ख़बरें
Share Market: शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन हरियाली, 509 अंक उछलकर बंद हुआ सेंसक्स; आईटी शेयरों में खरीदारी
हवाई यात्रा पर ईरान युद्ध का असर, Air India ने 899 रुपये तक बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज; अब फ्लाइट टिकट होगा महंगा
केंद्रीय कर्मचारियों की मौज! 8वें वेतन आयोग को लेकर सरकार का बड़ा कदम, इस बैठक में सैलरी बढ़ोतरी पर लगेगी मुहर
अडानी की जीत, वेदांता की हार, JP एसोसिएट्स के अधिग्रहण का रास्ता साफ; सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप से इनकार
गांवों की गरीबी इस दौरान 69 प्रतिशत से घटकर 32.5 प्रतिशत रही है, जबकि शहरी गरीबी 43.5 प्रतिशत से घटकर 17.2 प्रतिशत पर आ गई। इससे ग्रामीण और शहरी अंतर 25 प्रतिशत से घटकर 15 प्रतिशत पर आ गया और सालाना आधार पर गिरावट 7 प्रतिशत रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 2021-22 में भारत में अत्यंत गरीबी में रहने वाले लोगों में 5 सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्यों उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश की 65 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। साथ ही 2022-23 तक अत्यंत गरीबी में आने वाली कमी में इनका योगदान 2/3 रहा।
वर्ल्ड बैंक की शॉर्ट रिपोर्ट में ये कहा गया है कि इसके बाद, इन राज्यों का अभी भी साल 2022-23 में भारत के अत्यंत गरीबी में रहने वाले लोगों का 54 प्रतिशत और 2019-21 में बहुआयामी यानी विभिन्न स्तरों पर गरीब लोगों का 51 प्रतिशत हिस्सा है।
इसमें कहा गया है कि बहुआयामी गरीबी सूचकांक यानी एमपीआई के माध्यम से मापा जाने वाला गैर-मौद्रिक गरीबी इंडेक्स साल 2005-06 में 53.8 प्रतिशत से घटकर 2019-21 तक 16.4 प्रतिशत पर आ गई। रिपोर्ट के अनुसार, रोजगार में बढ़त ने 2021-22 से कामकाजी आयु वर्ग की आबादी को पीछे छोड़ दिया है। विशेष रूप से महिलाओं के बीच, बेरोजगारी दर घटकर रोजगार दर बढ़ रही है। शहरी बेरोजगारी वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में 6.6 प्रतिशत तक घट गई, जो 2017-18 के बाद से सबसे कम है।
इसमें चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि युवा बेरोजगारी 13.3 प्रतिशत है। यह हाई एजुकेशन प्राप्त ग्रेजुएट्स के बीच बेरोजगारी 29 प्रतिशत तक है। नॉन एग्रीकल्चर भुगतान वाली नौकरियों में से केवल 23 प्रतिशत संगठित क्षेत्र में हैं और ज्यादातर कृषि रोजगार अभी भी असंगठित बने हुए हैं। स्टार्टअप, खासकर ग्रामीण श्रमिकों और महिलाओं के बीच बढ़ रहा है। महिलाओं में 31 प्रतिशत रोजगार दर के बाद, स्त्री-पुरूष के स्तर पर असमानता बनी हुई है। महिलाओं की तुलना में ज्यादा पुरूष भुगतान वाली नौकरियों में हैं।
बिजनेस की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें
वर्ल्ड बैंक ‘गरीबी और समानता पर संक्षिप्त विवरण’ में 100 से ज्यादा विकासशील देशों के लिए गरीबी, साझा समृद्धि और असमानता के रुझानों को बयां किया गया है। वर्ल्ड बैंक समूह और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ के ये विवरण साल में 2 बार जारी किए जाते हैं। यह रिपोर्ट किसी देश की गरीबी और असमानता के संदर्भ को समझने में मदद करती हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
World bank statement on poverty
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
AI की चोरी रोकने के लिए एकजुट हुए दिग्गज, अब सस्ते मॉडल बनाना होगा मुश्किल
Apr 08, 2026 | 03:02 AMIPL 2026: वैभव और यशस्वी के सामने बेबस नजर आए MI के गेंदबाज, RR ने 11 ओवर के मुकाबले में 27 रन से दर्ज की जीत
Apr 08, 2026 | 12:30 AMAaj Ka Rashifal 8 April : बुधवार को चमकने वाली है इन 3 राशियों की किस्मत, जानें क्या कहते हैं आपके सितारे?
Apr 08, 2026 | 12:05 AMजसप्रीत बुमराह को भी नहीं बख्शा, 15 वर्षीय वैभव ने दुनिया के नंबर-1 गेंदबाज को दिन में दिखाए तारे
Apr 07, 2026 | 11:53 PMगुवाहाटी में वैभव और यशस्वी की विस्फोटक बल्लेबाजी, 11 ओवर में मुंबई के सामने खड़ा किया 151 रन टारगेट
Apr 07, 2026 | 11:25 PMक्रिकेट जगत में नए धमाके की तैयारी! एशिया कप की तर्ज पर शुरू होगा नया T20 टूर्नामेंट, जानें कब से होगा आगाज
Apr 07, 2026 | 11:03 PMबुधवार को चुपचाप कर लें ये उपाय, विघ्नहर्ता श्रीगणेश दूर करेंगे सारे कष्ट, बनेंगे शुभ-लाभ के योग
Apr 07, 2026 | 11:02 PMवीडियो गैलरी

वंदे भारत में इंसानियत शर्मशार! खाने की शिकायत पर दिव्यांग बुजुर्ग को कैंटीन स्टाफ ने पीटा, VIDEO वायरल
Apr 07, 2026 | 09:58 PM
सतना के स्कूल में ‘अतीक गैंग’ के नाम से धमकी, ₹1 लाख दो वरना बम से उड़ा देंगे; पोस्टर देख सहमे लोग- VIDEO
Apr 07, 2026 | 09:47 PM
अमेठी CHC की शर्मनाक तस्वीर, व्हीलचेयर न मिलने पर खुद को घसीटते हुए अस्पताल के अंदर गया मरीज; वीडियो वायरल
Apr 07, 2026 | 09:40 PM
सावधान! अकोला बस स्टैंड पर बिक रहा है ‘जहर’? नाले के पानी से नाश्ता बनाने का वीडियो वायरल, मचा हड़कंप
Apr 07, 2026 | 09:33 PM
असम को बेच दिया! राहुल गांधी का पीएम मोदी पर बड़ा हमला, अमेरिका-भारत डील को बताया देश के साथ धोखा
Apr 07, 2026 | 02:17 PM
इंदौर में दबंगई का वीडियो ! रेडिशन चौराहे पर पेट्रोल पंप कर्मचारी को सरेआम पीटा, पुलिस ने आरोपी को भेजा जेल
Apr 06, 2026 | 10:12 PM














