
आज शेयर मार्केट का हाल (सोर्स-सोशल मीडिया)
Global Stock Market Crash Impact: भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का दिन निराशाजनक शुरुआत लेकर आया क्योंकि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में खुले हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी बाजार में हुई भारी बिकवाली और एशियाई बाजारों के मिले-जुले रुझान ने निवेशकों के उत्साह को आज काफी कम कर दिया है। पिछले सत्र की मामूली बढ़त के बाद आज भारतीय बाजार एक सपाट रुख अपनाता हुआ स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। प्रमुख तकनीकी शेयरों में गिरावट और वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रमों ने आज के कारोबारी सत्र के लिए अनिश्चितता का माहौल पैदा किया है।
BSE का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स आज सुबह 60 अंकों की गिरावट के साथ 83,757 के स्तर पर कारोबार करता हुआ दिखाई दिया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी 20 अंकों के नुकसान के साथ 25,755 के स्तर पर खुलने में पूरी तरह सफल रहा। पिछले कारोबारी दिन सेंसेक्स 83,817 और निफ्टी 25,776 पर बंद हुए थे जिससे आज की शुरुआत तुलनात्मक रूप से काफी कमजोर रही है।
वॉल स्ट्रीट में बुधवार के सत्र के दौरान भारी गिरावट दर्ज की गई जिसका सीधा असर आज भारतीय बाजारों की चाल पर पड़ता नजर आ रहा है। डॉऊ जोन्स 49,501 पर बंद हुआ जबकि नैस्डैक में 1.51 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई जो तकनीकी क्षेत्र में भारी दबाव को दर्शाती है। एसएंडपी 500 इंडेक्स भी 0.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 6,882.72 के स्तर पर समाप्त हुआ जिससे वैश्विक स्तर पर निवेशकों का भरोसा थोड़ा डगमगाया है।
अमेरिकी बाजारों में एनवीडिया और टेस्ला जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में क्रमशः 3.41 और 3.78 प्रतिशत की गिरावट इस सत्र के दौरान दर्ज की गई है। सबसे बड़ी मार एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेस यानी एएमडी पर पड़ी जिसके शेयरों में 17.31 प्रतिशत की एक बड़ी ऐतिहासिक गिरावट देखी गई जो काफी चौंकाने वाली है। हालांकि इस दौरान ऐप्पल के शेयर 2.60 प्रतिशत और एली लिली के शेयरों में लगभग 10 प्रतिशत की जोरदार तेजी भी देखने को मिली है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग के बीच हुई टेलीफोनिक वार्ता ने भी आज वैश्विक बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा है। दोनों नेताओं ने ताइवान और व्यापारिक मुद्दों सहित कई अहम भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर एक लंबी और बहुत ही विस्तृत चर्चा बुधवार को पूरी की है। अप्रैल में होने वाली आमने-सामने की बैठक से पहले इस उत्कृष्ट कॉल ने निवेशकों के बीच कूटनीतिक चर्चाओं और व्यापारिक उम्मीदों को नई हवा दी है।
यह भी पढ़ें: Budget 2026: …तो इसलिए नहीं मिली आम आदमी को राहत? निर्मला सीतारमण ने बताई इनकम टैक्स में छूट न देने की वजह
गुरुवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला जहां जापान का टॉपिक्स इंडेक्स 0.47 प्रतिशत बढ़कर अपनी नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने में सफल रहा। हालांकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में 2.71 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई जो क्षेत्रीय बाजारों में चल रही अस्थिरता को पूरी तरह स्पष्ट करती है। निक्केई 225 में मामूली 0.15 प्रतिशत की बढ़त देखी गई लेकिन हांगकांग के हैंग सेंग फ्यूचर्स ने भारतीय बाजार के कमजोर रहने के ही संकेत दिए थे।






