
शेयर बाजार (सोर्स-सोशल मीडिया)
Stock Market Live Updates Jan 2: नए साल 2026 के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी का रुख देखने को मिल रहा है। शुक्रवार, 2 जनवरी को शुरुआती कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों ही हरे निशान में ट्रेड कर रहे हैं। बाजार की शुरुआत सपाट रही थी, लेकिन कुछ ही समय में निवेशकों की खरीदारी ने इंडेक्स को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और घरेलू निवेशकों के उत्साह ने बाजार के सेंटिमेंट को मजबूती प्रदान की है।
सेंसेक्स आज 312 अंकों की बढ़त के साथ 85,501 के स्तर पर पहुंच गया है, जो निवेशकों के लिए राहत की खबर है। निफ्टी भी पीछे नहीं रहा और 93 अंकों की तेजी के साथ 26,239 के आंकड़े पर कारोबार करता दिखा। शुरुआती मिनटों में ही बाजार ने 85,259 के स्तर से ऊपर उठकर अपनी मजबूती साबित कर दी है।
बाजार में तेजी के बावजूद दिग्गज कंपनी आईटीसी (ITC) के शेयरों में आज करीब 4 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स के टॉप लूजर्स की सूची में ITC आज सबसे ऊपर रहा, जिसने इंडेक्स की बढ़त को थोड़ा सीमित किया। अन्य चुनिंदा शेयरों में भी मुनाफावसूली देखने को मिली है जिससे बाजार में मिला-जुला रुख रहा।
गिफ्ट निफ्टी से मिल रहे सकारात्मक संकेतों ने घरेलू बाजार के लिए एक अच्छी जमीन तैयार की थी, जो हकीकत में बदली। हालांकि, जापान और चीन जैसे कई प्रमुख एशियाई बाजार छुट्टियों के कारण आज बंद हैं जिससे व्यापार थोड़ा धीमा रह सकता है। अमेरिका में भी नए साल के कारण पिछले सत्र में वॉल स्ट्रीट पर कारोबार बंद रहा था।
कच्चे तेल की कीमतों में फिलहाल स्थिरता देखी जा रही है, जहां ब्रेंट क्रूड 61 डॉलर प्रति बैरल के नीचे कारोबार कर रहा है। निवेशकों की नजर अब 4 जनवरी को होने वाली ओपेक+ की अहम बैठक पर टिकी हुई है। इस बैठक में उत्पादन नीति को लेकर होने वाले फैसले आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे।
यह भी पढ़ें: नए साल के स्वागत में खूब छलका जाम…शराब बिक्री ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, किस राज्य में हुई कितनी सेल?
ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में वेनेजुएला से जुड़े तेल व्यापार पर कड़ा रुख अपनाते हुए चीन और हांगकांग की कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इस कूटनीतिक हलचल और वैश्विक तनाव के बीच निवेशकों ने सतर्कता बरतते हुए चुनिंदा शेयरों में निवेश जारी रखा है। डॉलर इंडेक्स में नरमी भी उभरते बाजारों के लिए एक बेहतर संकेत मानी जा रही है।






