Simone Tata: रतन टाटा की सौतली मां का निधन, इस ब्रांड की नींव रख साकार किया था नेहरू का सपना

Ratan Tata Stepmother: स्विट्जरलैंड के जिनेवा में जन्मी सिमोन पहली बार 1953 में 23 साल की उम्र में एक पर्यटक के रूप में भारत आई थीं। इस यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात नवल टाटा से हुई।
Simone Tata And Ratan Tata
रतन टाटा और सिमोन टाटा, (डिजाइन फोटो)
Published on
Updated on

Simone Tata Passed Away: रतन टाटा की सौतेली मां सिमोन टाटा का आज शुक्रवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। वह 95 वर्ष की थीं। अगस्त में सिमोन टाटा की हालत गंभीर थी और वे पार्किंसन रोग के लक्षणों से जूझ रही थीं। इसके बाद उन्हें दुबई से मुंबई लाया गया और डॉ. फारुख उदवाडिया की देखरेख में भर्ती कराया गया।

स्विट्जरलैंड के जिनेवा में जन्मी सिमोन पहली बार 1953 में 23 साल की उम्र में एक पर्यटक के रूप में भारत आई थीं। इस यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात नवल टाटा से हुई। नवल तलाकशुदा थे और उनसे 26 साल बड़े थे। दोनों ने 1955 में शादी कर ली, जिसके बाद वे मुंबई में स्थायी रूप से बस गईं।

लैक्मे की स्थापना में निभाई थीं बड़ी भूमिका

सिमोन टाटा ने कॉस्मेटिक्स ब्रांड लैक्मे (Lakme) और रिटेल चेन ट्रेंट लिमिटेड (Trent) की स्थापना में बड़ी भूमिका निभाई थी। उन्होंने 1980 के दशक की शुरुआत से लैक्मे की चेयरमैन के रूप में कार्य किया और 2006 तक ट्रेंट का नेतृत्व किया। इस तरह, चार दशकों से अधिक समय तक भारत के सौंदर्य और खुदरा उद्योगों को आकार दिया।

नेहरू के सपने को किया था साकार

बता दें कि लैक्मे की स्थापना टाटा समूह द्वारा 1952 में की गई थी। तब पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कंपनी से एक भारतीय मेकअप ब्रांड बनाने का आग्रह किया था ताकि महिलाओं को पश्चिमी सौंदर्य प्रसाधनों पर निर्भर न रहना पड़े।

लैक्मे के बाद वेस्टसाइड की शुरुआत

1996 में टाटा समूह ने पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत लैक्मे को हिंदुस्तान यूनिलीवर को बेच दिया। सिमोन ने बिक्री से मिले पैसा का उपयोग ट्रेंट के तहत वेस्टसाइड की स्थापना के लिए किया, जो आगे चलकर भारत की सबसे लोकप्रिय डिपार्टमेंटल स्टोर चेन में से एक बन गई। उन्होंने टाटा इंडस्ट्रीज के बोर्ड में भी काम किया। 2006 में अपनी रिटायरमेंट के बाद सिमोन सीमित सार्वजनिक रूप से दिखाई दीं।

रतन टाटा के अंतिम संस्कार में आई थीं नजर

उन्हें आखिरी बार अक्टूबर 2024 में अपने सौतेले बेटे और टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष रतन टाटा के अंतिम संस्कार में देखा गया था। रतन का पार्किंसन रोग की दिक्कतों के कारण निधन हो गया था। उनके निधन के बाद, नोएल टाटा ने टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष का पदभार संभाला।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com