कमाल की योजना है प्रधानमंत्री वय वंदन, जानें क्या फायदे और कौन बन सकते हैं लाभुक
Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana: पीएम वय वंदन योजना में पॉलिसी के 3 साल पूरे होने पर लोन की सुविधा भी दी जाती है। इस योजना को एकमुश्त परचेज प्राइस देकर खरीद सकते हैं।
- Written By: रंजन कुमार
प्रधानमंत्री वय वंदन। इमेज-सोशल मीडिया
Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana Details: केंद्र सरकार ने वृद्धावस्था में सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने और 60 वर्ष या इससे अधिक आयु के वरिष्ठ लोगों को अनिश्चित बाजार परिस्थितियों से बचाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY) नाम से खास योजना शुरू की है। योजना भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के जरिये संचालित होती है। सरकारी गारंटी के साथ वरिष्ठ नागरिकों को निश्चित पेंशन और सुरक्षित रिटर्न देती है।
योजना की पात्रता की शर्तें
कम-से-कम एंट्री की उम्र 60 साल हो। ज्यादा से ज्यादा एंट्री की उम्र की लिमिट नहीं है। पॉलिसी क टर्म 10 साल होगा।
कम-से-कम इतनी मिलेगी पेंशन
सम्बंधित ख़बरें
History Of Gold: हर दौर में बढ़ती गई सोने की चमक, आखिर कैसे पहुंचा यह पीला धातु तिजोरी तक, जानिए पूरी कहानी
नवभारत विशेष: पहले नेता-मंत्री छोड़ेंगे गाड़ी-घोड़े का तामझाम, सरकारी तंत्र पर लागू होगा PM का सादगी पैगाम
पीएम की अपील: ईंधन बचाने पर जोर, इलेक्ट्रिक व्हीकल और ऑनलाइन मीटिंग्स पर महाराष्ट्र सरकार का फोकस
मजदूरों को बुढ़ापे में पेंशन का सहारा! NPS योजना से मिलेगा फायदा, जानें कैसे खुलवाएं खाता
1,000 रुपए हर महीने। 3,000 रुपए हर तिमाही। 6,000 रुपए हर छमाही। 12,000 रुपए हर साल।
ज्यादा-से-ज्यादा पेंशन भी
5,000 रुपए हर महीने। 15,000 रुपए हर तिमाही। 30,000 रुपए हर छमाही। 60,000 रुपए हर साल।
परचेज प्राइस का पेमेंट समझें
LIC की वेबसाइट के अनुसार इस स्कीम को एकमुश्त परचेज प्राइस देकर खरीद सकते हैं। पेंशनर के पास पेंशन की रकम या परचेज प्राइस में से एक चुनने का विकल्प होता है। पेंशन के अलग-अलग तरीकों के तहत मिनिमम और मैक्सिमम परचेज प्राइस इस तरह हैं-
पेंशन का तरीका मिनिमम परचेज प्राइस मैक्सिमम परचेज प्राइस
- सालाना ₹1,44,578 ₹7.23 लाख
- छमाही ₹1,47,601 ₹7.38 लाख
- तिमाही ₹1,49,068 ₹7.45 लाख
- मासिक ₹1,50,000 ₹7.50 लाख
क्या फायदे ?
10 साल के पॉलिसी टर्म के दौरान पेंशनर के जिंदा रहने पर बकाया पेंशन मिलेगी। 10 साल के पॉलिसी टर्म के दौरान पेंशनर की मौत होने पर परचेज प्राइस बेनिफिशियरी को वापस किया जाएगा। इसके अलावा 10 साल के पॉलिसी टर्म के अंत तक पेंशनर के जिंदा रहने पर परचेज प्राइस के साथ आखिरी पेंशन इन्स्टॉलमेंट मिलेगी।
यह भी पढ़ें: बढ़ते हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर सरकार करने वाली है सख्ती: जानिए क्या है पूरा प्लान?
लोन की भी सुविधा
पॉलिसी के 3 साल पूरे होने के बाद लोन की सुविधा है। अधिक से अधिक लोन दिया जा सकता है। वह परचेज प्राइस का 75% होगा। लोन अमाउंट पर लगने वाला इंटरेस्ट रेट समय-समय पर तय होगा। लोन का इंटरेस्ट पॉलिसी के तहत मिलने वाले पेंशन अमाउंट से वसूला जाएगा। लोन का इंटरेस्ट पॉलिसी के तहत पेंशन पेमेंट की फ्रीक्वेंसी के हिसाब से जुड़ेगा। यह पेंशन की ड्यू डेट पर देना होगा। वैसे, लोन का बकाया हिस्सा एग्जिट के समय क्लेम की रकम से वसूला जाएगा।
