केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, VRS के बाद पेंशन पर नया अपडेट; सरकार ने बदला ये नियम

Pension Scheme: नए बदलाव के मुताबिक, कोई भी केंद्रीय कर्मचारी 20 साल की ड्यूटी के बाद वीआरएस ले सकता है। हालांकि, पूरी पेंशन (फुल पेआउट) केवल 25 साल की सर्विस पूरी करने के बाद ही मिलेगी।
Narendra Modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, (फाइल फोटो)
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Central Government Employess Pensions: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, डिपार्टमेंट ऑफ पेंशन एंड पेंशनर्स वेलफेयर की ओर से मंगलवार को एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है। सीसीएस (एनपीएस के अंतर्गत लागू होने वाले यूपीएस) रुल्स 2025 के तहत अगर नई पेंशन स्कीम में कर्मचारी यूपीएस को चुनना चाहते हैं तो फिर वे 20 साल की फुल सर्विस के बाद वीआरएस (VRS) ले सकते हैं। हालांकि, फुल पेआउट उन्हें 25 साल की सर्विस के बाद ही मिलेगी।

नए बदलाव के मुताबिक, कोई भी केंद्रीय कर्मचारी 20 साल की ड्यूटी के बाद वीआरएस ले सकता है। हालांकि, पूरी पेंशन (फुल पेआउट) केवल 25 साल की सर्विस पूरी करने के बाद ही मिलेगी। यह नियम सीसीएस (यूपीएस रुल्स 2025) के तहत लागू किया जाना है। इसका फायदा उन कर्मचारियों को होगा जो एनपीएस के अंतर्गत आते हैं।

22 साल की सर्विस पर फुल पेआउट नहीं

अगर इसे आसान भाषा में समझना है तो आप ऐसे समझ सकते हैं- मान लीजिए कोई कर्मचारी 22 साल की सेवा के बाद वीआरएस ले लेता है। इस केस में उसे वीआरएस लेने की अनुमति तो मिल जाएगी। लेकिन पूरा पेंशन पेआउट उसे केवल तभी मिलेगी जब उसने 25 साल तक सर्विस की है। यानी 22 साल की सर्विस के बाद वीआरएस पर फुल बेनिफिट्स नहीं मिलेंगे।

मंत्रालय ने अपने बयान में क्या कहा?

मिनिस्ट्री ऑफ पर्सनल, ग्रिवेंसेज एंड पेंशंस की तरफ से एक बयान में कहा गया है कि 25 साल के बाद ही फुल एश्योर्ड पेआउट दिया जाएगा, लेकिन जो कर्मचारी इससे पहले सेवानिवृत होंगे, उन्हें प्रो-राटा के आधार पर फायदे दिए जाएंगे। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि यूपीएस के तहत कर्मचारियों को 20 साल की सेवा पूरी करने के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृति (वीआरएस) लेने का विकल्प दिया गया है। हालांकि, इस योजना का फुल एश्योर्ड पेआउट केवल तभी मिलता है, जब कर्मचारी 25 साल की योग्यता सेवा पूरी करता है।

यदि कोई 22 वर्ष पर वीआरएस लेता है तब

इसमें आगे कहा गया कि यदि कोई कर्मचारी 20 साल या उससे अधिक लेकिन 25 साल से कम सेवा पूरी करने के बाद वीआरएस लेता है, तो उसे पेंशन प्रो-राटा आधार पर मिलेगी। इसका मतलब है कि जितने वर्ष की सेवा की गई है, उसके अनुपात में पेंशन की गणना की जाएगी। उदहारण के लिए- अगर किसी ने 22 साल सर्विस की है, उसके अनुपात में पेंशन में गणना की जाएगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी ने 22 वर्ष की सेवा की है, तो उसे 25 वर्ष की पूरी पेंशन का 22/ 25 यानी 88% हिस्सा मिलेगा। हालांकि, यह भुगतान कर्मचारी को तभी मिलेगा जब वह अपनी नियमित सेवानिवृति आयु पर पहुंचेगा।

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