अभी और महंगा होगा पेट्रोल-डीजल, तेल संकट के बीच BPCL ने दिए संकेत; आम आदमी को फिर लगेगा महंगाई का झटका!
Petrol-Diesel Price: मीडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति में बड़ी रुकावट आई है। जिसका असर अब दुनिया के साथ-साथ भारत पर भी देखने को मिल रहा है।
- Written By: मनोज आर्या
पेट्रोल-डीजल प्राइस अपडेट, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Petrol-Diesel Price Latest Update: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर भारत में देखने को मिलने लगा। मई महीने में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तीन बार बढ़ोतरी हो चुकी है। ये सारी बढ़ोतरी पिछले 10 दिनों में हुई है। हालांकि, ईंधन की कीमतों में वृद्धि का सिलसिला आगे भी जारी रहने की आशंका है। सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनी भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने संकेत दिया है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बनी हुई अस्थिरता के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आगे और बढ़ोतरी हो सकती है।
मीडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति में बड़ी रुकावट आई है। इस मार्ग से ईंधन की आवाजाही लगभग पूरी तरह से ठप होने से वैश्विक ऊर्जा संकट हो गया है, जिसके चलते क्रूड का भाव ऊंचा बना हुआ है। इकोनॉमिक टाईम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के निदेशक (एचआर) राज कुमार दुबे ने संकेत दिया है कि अगर स्थिति लंबे समय तक ऐसा ही रहा, तो ईंधन की खुदरा कीमतों में और बढ़ोतरी से बच पाना मुश्किल है।
‘भारत सरकार के सामने ये तीन विकल्प’
राज कुमार दुबे ने कहा कि मौजूदा स्थिति में नीति निर्माताओं के सामने तीन विकल्प हैं। पहला, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सीधे बढ़ोतरी की जाए। दूसरा, तेल कंपनियां खुद नुकसान उठाती रहें। तीसरा, सरकार डेफिसिट फाइनेंसिंग के जरिए कंपनियों को राहत दे। उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक बाजार में ऊर्जा कीमतों में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है, जिसे शुरुआत में अस्थायी माना जा रहा था। लेकिन अब हालात अलग दिख रहे हैं। जिस तरह स्थिति आगे बढ़ रही है, उससे लगता है कि यह संकट जारी रह सकता है।
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फिर कितना महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?
अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले और तेहरान की जवाबी कार्रवाई से पश्चिम एशिया क्षेत्र में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को बुरी तरह नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान की भरपाई में लंबा समय लगेगा। ऐसे में यदि मौजूदा हालात बने रहते हैं, तो ईंधन कीमतों में और बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। हालांकि, आने वक्त में कितना कीमत बढ़ेगा, इस पर बीपीसीएल के शीर्ष अधिकारी ने कुछ नहीं बताया है, लेकिन उन्होंने कहा कि अगर यह लंबे समय तक जारी रहता है, तो बढ़ोतरी अनिवार्य है।
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‘कई देशों से तेल आयात कर रहा भारत’
राज कुमार दुबे ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज में तेल आपूर्ति प्रभावित होने के बावजूद भारत ने सप्लाई संकट को काफी हद तक संभाला है। उन्होंने इसका श्रेय सप्लाई स्रोतों में विविधता लाने और कूटनीतिक प्रयासों को दिया। उनके मुताबिक, भारत ने अब केवल सीमित देशों पर निर्भर रहने के बजाय रूस, अफ्रीका और अन्य क्षेत्रों से भी तेल आयात बढ़ाया है। पहले भारत के पास केवल 20 सप्लाई प्वाइंट थे, जो अब बढ़कर 40 हो गए हैं। युद्ध के बाद देश में ईंधन की मांग बढ़ी है, लेकिन इसके बावजूद किसी तरह की कमी नहीं आई है।
