नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान: पेट्रोल के बाद ब्लेंडेड डीजल लाएगी सरकार, मिलाया जाएगा ये खास कैमिकल
Nitin Gadkari Flex Fuel Car: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार डीजल में 15% तक आइसोब्यूटेनॉल मिलाने की योजना पर काम कर रही है, जिससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी।
- Written By: अक्षय साहू
डीजल में आइसो ब्यूटेनॉल मिलेंगे सरकार (AI जनरेटेड फोटो)
Govt Planning Add 15 Percent isobutanol to Diesel: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार डीजल में 15 प्रतिशत तक आइसोब्यूटेनॉल मिलाने की योजना पर काम कर रही है। उनका कहना है कि यह पारंपरिक डीजल का एक अच्छा विकल्प बन सकता है और इससे भारत की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और देश ऊर्जा के मामले में अधिक आत्मनिर्भर बन सकेगा।
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर 4 जून को भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर कार के लॉन्च कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने यह जानकारी दी। इस कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद थे। गडकरी ने बताया कि एथेनॉल को सीधे डीजल में नहीं मिलाया जा सकता। इसलिए सरकार एथेनॉल से आइसोब्यूटेनॉल बनाने की तकनीक पर काम कर रही है, ताकि इसे डीजल के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जा सके।
कृषि उपकरणों पर किया जा चुका है परीक्षण
उन्होंने कहा कि आइसोब्यूटेनॉल का परीक्षण पहले ही निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली मशीनों और कृषि उपकरणों पर किया जा चुका है। शुरुआती परीक्षण सफल रहे हैं और इससे यह साबित हुआ है कि यह ईंधन व्यावहारिक रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर बनेगा BRICS का मेजबान, 11 देशों के मंत्री और अधिकारी 9 जुलाई से जुटेंगे; सम्मेलन के लिए तैयारियां पूरी
CM की पहल से MMR का गेमचेंजर बनेगा विरार-अलिबाग कॉरिडॉर, 1 घंटे में होगा सफर, वन भूमि की अड़चन भी हुई दूर
नवभारत विकसित भारत लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026: दिल्ली में जुटेंगे दिग्गज, विकसित भारत के रोडमैप पर होगी चर्चा
नितिन गडकरी के गढ़ में क्यों अटकी 85 करोड़ की फाइल? नागपुर के सदर फ्लाईओवर का डिजाइन 2 साल बाद भी फाइनल नहीं
गडकरी ने बताया कि उन्होंने ऐसे दो जनरेटर सेट भी लॉन्च किए हैं, जो 100 प्रतिशत एथेनॉल और आइसोब्यूटेनॉल पर चलते हैं। उनका कहना है कि इससे यह साबित होता है कि भविष्य में ऐसे इंजन तैयार किए जा सकते हैं जो पूरी तरह इन वैकल्पिक ईंधनों पर काम करें।
डीजल में आइसोब्यूटेनॉल मिलाने योजना का हिस्सा
उन्होंने कहा कि डीजल में आइसोब्यूटेनॉल मिलाने की योजना सरकार की बड़ी रणनीति का हिस्सा है। इसका मकसद वैकल्पिक और स्वच्छ ईंधनों को बढ़ावा देना, जीवाश्म ईंधनों के आयात को कम करना और देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।
गडकरी ने बताया कि सरकार एथेनॉल, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसएएफ), बायो-सीएनजी, मेथेनॉल, बायोडीजल, एलएनजी, हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों को भी तेजी से बढ़ावा दे रही है। उनका कहना है कि इन उपायों से प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों को अपनाना जरूरत
उन्होंने यह भी कहा कि भारत अभी भी बड़ी मात्रा में जीवाश्म ईंधनों का आयात करता है। इसलिए ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों को अपनाना समय की जरूरत है। साथ ही उन्होंने वाहन निर्माताओं से फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक के विकास में तेजी लाने और मौजूदा बीएस-VI वाहनों को अधिकृत सर्विस सेंटरों के माध्यम से फ्लेक्स-फ्यूल के अनुकूल बनाने की दिशा में काम करने की अपील की।
एजेंसी इनपुट के साथ-
