Noida Airport : नोएडा एयरपोर्ट से उड़ान भरने में लगेगा समय, निर्माण में लग सकती है देरी

नोएडा एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद, साल 2025 में 1 से 1.5 मिलियन ट्रैवलर्स और साल 2026 में 8 मिलियन ट्रैवलर्स के यातायात की संभावना की जा रही है। अनुमान के अनुसार, पूरा प्रोजेक्ट 30,000 करोड़ रुपये की कॉस्ट से डेवलप होगा।
दिल्ली एयरपोर्ट पर पड़ने वाले भार को कम करने के लिए नोएडा एयरपोर्ट को तैयार करने की प्लानिंग शुरू की गई है। इस एयरपोर्ट के बनने के बाद ये देश का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन सकता है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (सौजन्य : सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने और लैंडिंग होने का लोगों को बेसब्री से इंतजार है। पहले साल के शुरूआत में ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जल्द ही शुरू होने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन हाल ही में इसको लेकर बड़ी खबर आ रही है।

आपको बता दें कि हाल ही में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को विकसित करने वाली और इसका परिचालन करने वाली कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल की सहायक कंपनी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के सीएफओ ने बताया है कि अभी एयरपोर्ट पर कुछ काम अभी बाकी है, जिसके कारण एयरपोर्ट के उद्घाटन में अभी समय लग सकता है।

कंस्ट्रक्शन में लगेगी देरी

नोएडा एयरपोर्ट के रनवे और एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी एटीसी टावर का कंस्ट्रक्शन लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन टर्मिनल का काफी काम अभी बाकी है। ज्यूरिख एयरपोर्ट के मुख्य वित्तीय अधिकारी यानी सीएफओ केविन फ्लेक ने 7 मार्च को बताया कि आने वाले 2 से 5 महीनों में कार्य में तेजी लायी जाएगी।

एयरोड्रम लाइसेंस और ऑपरेशनल प्रोसेस

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने हाल ही में एयरोड्रम लाइसेंस के लिए एप्लीकेशन जमा किया है और अन्य एविएशन रेग्यूलेटरों के साथ मिलकर जरूरी प्रोसेस को पूरा कर रहा है। फ्लेक के अनुसार, अगले कुछ हफ्तों में लाइसेंस मिलने की उम्मीद की जा रही है। इसके अलावा, ऑपरेशनल प्रोसेस शुरू होने से पहले अस्थायी शुल्क निर्धारण की प्रोसेस जारी है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर भारत में एयर ट्रैवल को बढ़ावा देगा और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भार कम करेगा। हालांकि इसके उद्घाटन में देरी हुई है, लेकिन इसे मॉर्डन सुविधाओं के साथ एक मुख्य इंटरनेशनल हब बनाने की प्लानिंग है। आने वाले महीनों में कंस्ट्रक्शन वर्क में तेजी आने की उम्मीद की जा रही है, जिससे ये प्रोजेक्ट जल्द ही साकार हो पाएगा।

भविष्य की उम्मीदें और कैपेसिटी

नोएडा एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद, साल 2025 में 1 से 1.5 मिलियन ट्रैवलर्स और साल 2026 में 8 मिलियन ट्रैवलर्स के यातायात की संभावना की जा रही है। इस प्रोजेक्ट का पहला फेज 12 मिलियन यात्रियों की सालाना कैपेसिटी के साथ शुरू होगा, जबकि आखिरी फेज में इसकी कैपेसिटी 70 मिलियन यात्रियों तक होने वाली है। अनुमान के अनुसार, पूरा प्रोजेक्ट 30,000 करोड़ रुपये की कॉस्ट से डेवलप होगा।

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