विदेशी मुद्रा भंडार में 'तूफानी' उछाल, एक हफ्ते में रिकॉर्ड 14 अरब डॉलर की बढ़ोतरी; दुनिया में दिखा भारत का दम

RBI: किसी भी देश की लिए विदेशी मुद्रा भंडार काफी महत्वपूर्ण होता है और इससे उस देश की आर्थिक स्थिति का पता लगता है। इसके अलावा यह करेंसी एक्सचेंज रेट को स्थिर रखने में बड़ी भूमिका निभाता है।
India's foreign exchange reserves surge, rising by over $14 billion in a week
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, (सोर्स-सोशल मीडिया)
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India's Forex Reserve: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में तूफानी उछाल देखने को मिला है। 16 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में यह 14.167 बिलियन डॉलर बढ़कर 701.360 बिलियन डॉलर हो गया है। इससे पहले 9 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 392 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई थी।

विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक फॉरेन करेंसी एसेट्स (एफसीए) में 16 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में 9.652 बिलियन डॉलर का इजाफा हुआ है और इनकी वैल्यू बढ़कर 560.518 बिलियन डॉलर की हो गई है।

फॉरेन करेंसी एसेट्स में दुनिया की बड़ी करेंसी

फॉरेन करेंसी एसेट्स में डॉलर के साथ दुनिया की अन्य बड़ी करेंसी जैसे येन, यूरो और पाउंड शामिल होती हैं, जिनकी वैल्यू को डॉलर में व्यक्त किया जाता है। वहीं, गोल्ड की वैल्यू 4.623 बिलियन डॉलर बढ़कर 117.454 बिलियन डॉलर हो गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुताबिक, 16 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में एसडीआर की वैल्यू 35 मिलियन डॉलर कम होकर 18.704 बिलियन डॉलर हो गई है। आईएमएफ में रिजर्व पोजीशन की वैल्यू 73 मिलियन डॉलर कम होकर 4.684 बिलियन डॉलर हो गई है। इससे पहले 17 अक्टूबर 2025 में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 702.25 बिलियन डॉलर के आंकड़े पर पहुंच था। देश के विदेशी मुद्रा भंडार का ऑल-टाइम हाई 704.89 बिलियन डॉलर जो कि सितंबर 2024 में बना था।

देश के लिए विदेशी मुद्रा भंडार कितना अहम?

किसी भी देश की लिए उसका विदेशी मुद्रा भंडार काफी महत्वपूर्ण होता है और इससे उस देश की आर्थिक स्थिति का पता लगता है। इससे अलावा यह मुद्रा की विनिमय दर को स्थिर रखने में बड़ी भूमिका निभाता है। उदाहरण के लिए अगर किसी स्थिति में डॉलर के मुकाबले रुपए पर अधिक दबाव देखने को मिलता है और उसकी वैल्यू कम होती है तो केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल कर डॉलर के मुकाबले रुपए को गिरने से रोक सकता है और विनिमय दर को स्थिर रखता है।

विदेशों में व्यापार करने में होती है आसानी

बढ़ता हुआ विदेशी मुद्रा भंडार यह भी दिखाता है कि देश में डॉलर की आवक बड़ी मात्रा में बनी हुई है और यह देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है। इसके साथ ही इसके बढ़ने से देश के लिए विदेशों में व्यापार करना भी आसान हो जाता है।

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