
गौतम अडानी, ( डिजाइन फोटो/ नवभारत लाइव)
Why Adani Share Falls: शेयर बाजार में भारी गिरावट के बीच अडानी के शेयरों में भारी गिरावट आई। अमेरिका से आई एक खबर के बाद अडानी ग्रुप के शेयर भरभराकर टूट गए। अडानी पोर्ट से लेकर पावर तक के स्टॉक में 13 प्रतिशत तक की गिरावट आई, जिस कारण अडानी ग्रुप के निवेशकों को नुकसान हुआ।
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड के शेयर 12% गिरकर 812 रुपये, अडानी पावर के शेयर 5.65% गिरकर 132.65 रुपये, अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के शेयर 10.65% गिरकर 1864 रुपये और अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड के शेयर भी 7% गिरकर 1,308 रुपये पर आ गए। अडानी ग्रीन के शेयरों में 14.54% की गिरावट आई और यह ₹772.80 पर बंद हुआ।
अडानी और समूह के कार्यकारी सागर अडानी को कथित धोखाधड़ी और 265 मिलियन डॉलर की रिश्वत योजना के संबंध में व्यक्तिगत रूप से ईमेल द्वारा समन भेजने के लिए अमेरिकी अदालत से अनुमति मांगी गई है। जिस कारण निवेशकों का भरोसा डगमगाया है। ऐसे में अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, अडानी पावर लिमिटेड, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड और अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर शुक्रवार के कारोबार में 14% तक गिर गई।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने पहले समन तामील करने के दो अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया था। अमेरिकी आयोग पिछले साल से अडानी समूह के संस्थापक गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी को समन तामील कराने की कोशिश कर रहा है। यह मामला किसी भारतीय समूह से जुड़ा अमेरिका का सबसे चर्चित कानूनी मामला बताया जा रहा है। इस रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के शेयर 14.54% गिरकर 772 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गए।
गौरतलब है कि नवंबर 2024 में अडानी ग्रीन एनर्जी ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा था कि उसके डायरेक्टर्स पर आपराधिक अभियोग में तीन आरोप लगाए गए हैं, जिनमें पहला- कथित इक्विटी फ्रॉड साजिश, दूसरा- कथित वायर धोखाधड़ी साजिश और तीसरा- कथित इक्विटी धोखाधड़ी शामिल है।
नवंबर 2024 में स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में अडानी ग्रीन एनर्जी ने कहा था कि अमेरिकी न्याय विभाग (US DOJ) और अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग ने आपराधिक अभियोग दायर किया और न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले के अमेरिकी जिला न्यायालय में ग्रुप के डायरेक्टर गौतम अडानी और सागर अडानी के खिलाफ दीवानी शिकायत दर्ज की। यूएस डीओजे ने उसके निदेशक विनीत जैन को भी इस आपराधिक अभियोग में शामिल किया था।
यह भी पढ़ें: बजट से पहले शेयर मार्केट में कोहराम, 769 अंक गिरकर बंद हुआ सेंसेक्स; इन वजहों से लुढ़का बाजार
अडानी समूह ने इन आरोपों को ‘बेबुनियाद’ बताया है और कहा है कि वह अपना बचाव करने के लिए ‘हर संभव कानूनी रास्ता’ अपनाएगा। रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी बाजार नियामक ने न्यूयॉर्क की अदालत को दिए जवाब में कहा कि वह मौजूदा तरीके से समन की तामील पूरी होने की उम्मीद नहीं करता है और उसे अडानी समूह के अधिकारियों को सीधे ईमेल के जरिए समन भेजने की अनुमति दी जानी चाहिए।






