

Share Market Update: बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। हालांकि भारत ने ट्रंप के इस फैसले के आगे घुटने नहीं टेके है। लेकिन ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी का सीधा असर भारत के शेयर मार्केट पर होता हुआ नजर आ रहा है।
गुरुवार को शेयर मार्केट के खुलते ही दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई थी। आज के प्री ओपनिंग सेशन में बीएसई का सेंसेक्स 537.25 अंक की गिरावट के साथ 80,944.61 अंक पर ओपन हुआ था। साथ ही एनएसई का निफ्टी भी 187.85 नीचे गिरकर 24,667.20 अंक पर ओपन हुआ था।
सेंसेक्स की टॉप-30 कंपनियों में इटर्नल, पावर ग्रीड, हिंदुस्तान यूनिलीवल लिमिटेड, टाटा स्टील और आईटीसी के शेयर तेजी के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। वहीं, रिलायंस, भारती एयरटेल, टाइटन, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फाइनेंस के शेयरों में बडी़ गिरावट देखी जा रही है।
गुरुवार के क्लोजिंग सेशन की बात की जाए, तो आज बीएसई का सेंसेक्स 331.78 अंकों की गिरावट के साथ 81,150.08 अंक के स्तर पर बंद हुआ है। साथ ही एनएसई का निफ्टी भी 93.10 अंकों की गिरावट के साथ 24,761.95 अंक के स्तर पर बंद हुआ है।
हिंदुस्तान यूनिलीवर इटरनल आईटीसी कोटक बैंक पावरग्रिड टेक महिंद्रा
एमएंडएम आईसीआईसीआई बैंक अल्ट्राटेक सीमेंट मारुति टाटा मोटर्स एचडीएफसी बैंक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कल यानी की बुधवार को भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि रूस के साथ ट्रेड करने के लिए भारत को जुर्माना भी देना होगा। लंबे समय से भारत और अमेरिकी के बीच चल रही ट्रेड डील पर सहमति न बनने का सीधा असर आज घरेलू शेयर बाजार पर दिख रहा है। भारत के टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा सेक्टर को इस टैरिफ से ज्यादा नुकसान होने की संभावना है, क्योंकि अबतक अमेरिका इन उत्पादों पर जीरो टैरिफ लागू करता था।
ट्रंप टैरिफ के झटके से गिफ्ट निफ्टी 200 अंक टूटकर 24700 के नीचे रहा। माइक्रोसॉफ्ट और मेटा के दमदार नतीजों के बाद नैस्डैक फ्यूचर्स में 275 अंकों का उछाल आया तो डाओ फ्यूचर्स 50 अंक ऊपर चढ़ा था। गौरतलब है कि टैरिफ की डेडलाइन 1 अगस्त थी, हालांकि उससे पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत पर 25 प्रतिशत का भारी भरकम टैरिफ लगाने की घोषणा करते हुए कहा कि हुए बोले कि अभी भारत से बातचीत चल रही है। वहीं भारत सरकार ट्रंप टैरिफ के असर की समीक्षा कर रही है। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि भारत के आर्थिक हितों से कोई समझौता नहीं करेंगे।