महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Eknath Shinde On Union Budget 2026: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट की जमकर सराहना की है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने वाला एक दूरदर्शी और निर्णायक दस्तावेज करार दिया। शिंदे ने विश्वास जताया कि यह बजट न केवल देश की वित्तीय राजधानी मुंबई, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के आर्थिक ढांचे को जबरदस्त मजबूती प्रदान करेगा।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, जो शहरी विकास विभाग का कार्यभार भी संभाल रहे हैं, ने छोटे शहरों के विकास पर दिए गए जोर को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र में शहरीकरण की गति बहुत तेज है। ‘टियर-टू’ और ‘टियर-थ्री’ शहरों के विकास के लिए घोषित ₹12 लाख करोड़ का फंड हमारे शहरी केंद्रों का चेहरा बदल देगा।” इसके साथ ही, नगर निगम बांड पर ₹100 करोड़ की छूट को उन्होंने राज्य के स्थानीय निकायों को वित्तीय रूप से स्वतंत्र और मजबूत बनाने वाला कदम बताया।
केंद्रीय बजट 2026 में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए ₹40,000 करोड़ और बायोफार्मा के लिए ₹10,000 करोड़ के भारी-भरकम प्रावधान ने राज्य सरकार को उत्साहित कर दिया है। शिंदे के अनुसार, ये निवेश महाराष्ट्र को देश के प्रमुख विनिर्माण (Manufacturing) और तकनीक हब के रूप में स्थापित करेंगे। वस्त्र, हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्रों में उन्नत तकनीक को बढ़ावा देने से स्थानीय कारीगरों को वैश्विक बाजार मिलने की राह आसान होगी।
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महाराष्ट्र के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी बुनियादी ढांचे के विस्तार को लेकर आई है। उपमुख्यमंत्री ने मुंबई-पुणे और पुणे-हैदराबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि इससे राज्य के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय घटेगा और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। यह बुनियादी ढांचा विकास के प्रमुख इंजन के रूप में काम करेगा।
मनोरंजन उद्योग के केंद्र के रूप में मुंबई की स्थिति को स्वीकार करते हुए, केंद्र सरकार ने यहाँ ‘भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान’ (Indian Institute of Creative Technology) स्थापित करने का निर्णय लिया है। शिंदे ने इसे पिछले वर्ष मुंबई में आयोजित ‘वेव्स’ शिखर सम्मेलन की सफलता का परिणाम बताया। उन्होंने आगे कहा कि नए चिकित्सा केंद्रों की स्थापना और चिकित्सा पर्यटन (Medical Tourism) को बढ़ावा मिलने से मुंबई और पुणे में लाखों युवाओं के लिए विश्व स्तरीय रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
अंत में, उपमुख्यमंत्री ने दोहराया कि यह बजट सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को नई ऊर्जा देने वाला है, जिससे महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को ‘ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी’ बनाने का लक्ष्य समय से पहले पूरा किया जा सकेगा।