Nashik Municipal Corporation election (सोर्सः सोशल मीडिया)
Municipal Corporation Power Sharing: महापालिका चुनाव में एक-दूसरे के खिलाफ लड़े भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के बीच सत्ता साझेदारी की चर्चाओं पर आखिरकार विराम लग गया है। जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन ने रविवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि, “जहां हम साथ चुनाव लड़ते हैं, वहां सत्ता में भी साथ आते हैं। लेकिन नासिक में हमने आमने-सामने चुनाव लड़ा है, इसलिए यहां हमें किसी भी बैसाखी की ज़रूरत नहीं है।”
महाजन के इस बयान से बीते कुछ दिनों से चल रही राजनीतिक अटकलों पर ब्रेक लग गया है। नासिक महापालिका की कुल 122 सीटों में से भाजपा के 72 नगरसेवक विजयी हुए हैं, जिससे पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिला है। शिवसेना (शिंदे गुट) 26 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) को केवल 4 सीटों पर जीत मिली है।
हालांकि तीनों दल राज्य और केंद्र में महायुति का हिस्सा हैं, लेकिन नासिक महापालिका चुनाव भाजपा ने अपने दम पर लड़ा था, जबकि शिंदे गुट और अजित पवार गुट ने गठबंधन किया था। चुनाव परिणामों में भाजपा को बहुमत से 10 सीटें अधिक मिलने के बाद पार्टी ने स्वतंत्र रूप से सत्ता गठन की तैयारी शुरू कर दी थी।
इसी बीच भाजपा के महानगर अध्यक्ष सुनील केदार ने यह कहते हुए कि केंद्र और राज्य में तीनों दल साथ सत्ता में हैं, शिंदे गुट और अजित पवार गुट को नासिक महापालिका की सत्ता में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। इसके बाद शिंदे गुट की ओर से “उचित प्रस्ताव मिलने पर विचार करेंगे” जैसी भूमिका सामने आई थी, जिससे उपमहापौर पद शिंदे गुट को मिलने की अटकलें भी तेज हो गई थीं।
हालांकि, मंत्री गिरीश महाजन के स्पष्ट और सख्त रुख के बाद इन सभी संभावनाओं पर पूर्णविराम लग गया है। उन्होंने साफ किया कि भाजपा के पास 72 नगरसेवक हैं, इसलिए महापालिका के सभी महत्वपूर्ण पदों का बंटवारा पार्टी के भीतर ही किया जाएगा।
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इस मामले में जब पत्रकारों ने मंत्री महाजन से पूछा कि भाजपा महानगर अध्यक्ष सुनील केदार ने शिंदे गुट और अजित पवार गुट को सत्ता में शामिल होने का निमंत्रण दिया था, तो उन्होंने शुरुआत में कहा कि वे इस बयान से अनभिज्ञ हैं। बाद में जब स्पष्ट हुआ कि यह अपील केदार ने ही की थी, तो महाजन ने उनसे चर्चा की। इसके बाद ही उन्होंने “नासिक में हमें बैसाखियों की ज़रूरत नहीं” जैसी स्पष्ट और ठोस भूमिका सार्वजनिक रूप से रखी।