वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (सोर्स- सोशल मीडिया)
Education Budget 2026: आज पेश किए गए बजट में शिक्षा, रोजगार और डिजाइन सेक्टर को नई दिशा देने वाली कई अहम घोषणाएं की गईं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में ऐसी योजनाओं पर जोर दिया, जो छात्राओं की सुरक्षा, उच्च शिक्षा संस्थानों के समग्र विकास और डिजाइन व क्रिएटिव इंडस्ट्री की बढ़ती जरूरतों से सीधे तौर पर जुड़ी हैं।
वित्त मंत्री ने महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देश के हर जिले में महिला छात्रावास स्थापित करने की घोषणा की है। इसका लक्ष्य दूर-दराज के क्षेत्रों से पढ़ाई के लिए आने वाली छात्राओं को सुरक्षित, सुलभ और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक या सामाजिक कारणों से उनकी शिक्षा बाधित न हो और उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी और मजबूत हो सके।
उच्च शिक्षा संस्थानों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रखते हुए उन्हें समग्र शैक्षणिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए विश्वविद्यालयों में टाउनशिप स्थापित करने का ऐलान किया गया है। इन टाउनशिप में आवास, शोध सुविधाएं, स्टार्टअप स्पेस, स्वास्थ्य सेवाएं और सांस्कृतिक ढांचा शामिल होगा, जिससे छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को बेहतर और जीवंत शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
Union Finance Minister @nsitharaman proposed multiple steps in towards setting up new institutes, University townships, girls hostel and telescope infrastructure facilities in #investment in higher education sector#ViksitBharatBudget #Budget2026 pic.twitter.com/fESnKcKGii — PIB India (@PIB_India) February 1, 2026
बजट 2026 में डिजाइन उद्योग में बढ़ती मांग और कुशल प्रतिभाओं की कमी को देखते हुए सरकार ने नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार का मानना है कि इससे भारतीय डिजाइन उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने में मदद मिलेगी।
बजट में शिक्षा और कौशल विकास को भविष्य की अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए उच्च शक्ति शिक्षा उपक्रम की भी घोषणा की गई है। यह पहल सेवा क्षेत्र को सशक्त बनाने पर केंद्रित होगी, जिसमें विकास, रोजगार और निर्यात पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण और आधुनिक कौशल विकास को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि भारतीय कार्यबल वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सके।
इसके अलावा बजट में कुशल करियर पाथवे उपक्रम का भी ऐलान किया गया है, जिसके तहत स्वास्थ्य, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी विभागों और निजी क्षेत्र में स्पष्ट व संरचित करियर मार्ग विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य युवाओं को पढ़ाई के साथ उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को प्रभावी ढंग से पाटा जा सके।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) सेक्टर की तेजी से बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि यह उद्योग 2030 तक करीब 20 लाख पेशेवरों की मांग पैदा करेगा। इस क्षेत्र को मजबूती देने के लिए सरकार इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी को समर्थन देगी, जिससे युवाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और रचनात्मक कौशल विकसित करने के अवसर मिलेंगे और भारत वैश्विक AVGC हब के रूप में अपनी पहचान और मजबूत कर सकेगा।