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Budget 2026 Skill Development Scheme: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना 8वां बजट पेश करते हुए साफ कर दिया कि आने वाले सालों में भारत की तरक्की की असली ताकत टेक्नोलॉजी और इनोवेशन होगी। उन्होंने कहा, “भारत अब सिर्फ टेक्नोलॉजी अपनाने वाला देश नहीं रहेगा, बल्कि उसे लीड करेगा।” बजट 2026 में खासतौर पर कंटेंट क्रिएशन, गेमिंग, AI और डिजिटल स्किल्स को लेकर बड़े ऐलान किए गए हैं, जो सीधे तौर पर मिडिल क्लास युवाओं के भविष्य को प्रभावित करेंगे।
इस बजट में गेमिंग सेक्टर को जबरदस्त बढ़ावा देने की घोषणा की गई है। सरकार के मुताबिक, इस सेक्टर में आने वाले समय में 10 लाख से ज्यादा प्रोफेशनल्स को रोजगार मिलेगा। युवाओं को ट्रेनिंग देने के लिए एक नया कंटेंट क्रिएटर लैब इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा, जहां गेमिंग, एनीमेशन और डिजिटल डिजाइन सिखाई जाएगी। साथ ही, डिजाइन एजुकेशन को मजबूत करने के लिए नेशनल डिजाइन स्कूल भी खोले जाएंगे, जिससे छोटे शहरों के बच्चे भी क्रिएटिव फील्ड में आगे बढ़ सकें।
बजट 2026 की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक है ABGC (Animation, Visual Effects, Gaming & Comics) कंटेंट क्रिएटर लैब्स। सरकार देश के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में ये लैब्स स्थापित करेगी। इसका मकसद है कि बच्चे स्कूल-कॉलेज से ही डिजिटल स्किल्स सीखें और भविष्य के जॉब्स के लिए तैयार हों।
बजट में AI को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि AI को अब सरकारी सेवाओं और गवर्नेंस में ‘मल्टीप्लायर’ की तरह इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए देश के सभी जिलों में AI-बेस्ड सॉल्यूशंस को बढ़ावा मिलेगा। डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए सरकार ने ₹12.2 लाख करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर बजट रखा है, जिससे इंटरनेट, डेटा नेटवर्क और डिजिटल प्लेटफॉर्म और बेहतर होंगे।
गेमिंग और टेक स्टार्टअप्स को सपोर्ट करने के लिए ₹10,000 करोड़ का फंड बनाया गया है। वहीं, “सेमीकंडक्टर मिशन 2.0” के तहत ₹40,000 करोड़ खर्च कर भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी है। युवाओं के लिए एक और बड़ी खुशखबरी देते हुए वित्त मंत्री ने IITs और IISc में 10,000 नई टेक फेलोशिप शुरू करने का ऐलान किया है, ताकि AI और डीप-टेक रिसर्च को बढ़ावा मिले।
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निर्मला सीतारमण ने कहा कि टेलीकॉम और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) भारत की अर्थव्यवस्था का “ऑपरेटिंग सिस्टम” हैं। अगले पांच सालों में डेटा सेंटर और 5G/6G कनेक्टिविटी को देशभर में तेजी से फैलाया जाएगा।