बुरे फंसे अनिल अंबानी, ED ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में दर्ज किया मुकदमा; इस केस से जुड़ा है मामला

Anil Amabni: अनिल अंबानी की टीम ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। एक प्रवक्ता ने कहा कि सभी आरोपों और दावों को हम पूरी तरह से खारिज करते हैं। हमें जानबूझकर निशाना बनाया गया है।
anil-ambani-cbi-case-lic-fraud-reliance-communications
अनिल अंबानी, (फाइल फोटो)
Published on: 
Updated on: 

Anil Ambani: देश के मशहूर कारोबारियों में शामिल अनिल अंबानी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ कथित 2,929 करोड़ रुपये से ज़्यादा के धोखाधड़ी के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है।यह केस पिछले महीने सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है। 21 अगस्त को, सीबीआई ने SBI के साथ धोखाधड़ी के मामले में RCom, अंबानी औक कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। सीबीआई अधिकारियों ने अंबानी के घर और RCom के ऑफिस की भी तलाशी ली।

अंबानी की टीम ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। एक प्रवक्ता ने कहा कि सभी आरोपों और दावों को हम पूरी तरह से खारिज करते हैं। हमें जानबूझकर निशाना बनाया गया है। छापेमारी के बाद, प्रवक्ता ने कहा कि अनिल अंबानी के घर की तलाशी आज दोपहर में पूरी हो गई। SBI द्वारा दर्ज की गई शिकायत 10 साल पुरानी है। उस समय अंबानी कंपनी के नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर थे और कंपनी के रोज़ाना के कामकाज में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।

ED ने बढ़ाया जांच का दायरा

इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ED ने अब जांच का दायरा बढ़ा दिया है और रिलायंस ग्रुप की कंपनियों को दिए गए लोन की जानकारी के लिए लगभग 20 प्राइवेट और सरकारी बैंकों को लिखा है, जिसमें लोन देने से पहले किए गए क्रेडिट असेसमेंट की जानकारी भी शामिल है। जांच एजेंसी ने मंगलवार को अंबानी के करीबी सहयोगी रहे अमिताभ झुंझुनवाला से भी पूछताछ की। ET ने बताया कि अगस्त में 17,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन धोखाधड़ी की अलग जांच के सिलसिले में रिलायंस ग्रुप के कई अधिकारियों को पहले ही समन भेजा जा चुका है।

SBI की की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

ED की यह नई कार्रवाई SBI की मुंबई ब्रांच के डिप्टी जनरल मैनेजर ज्योति कुमार की 18 अगस्त की शिकायत के बाद हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह धोखाधड़ी 15 अक्टूबर, 2020 को एक फोरेंसिक ऑडिटर की रिपोर्ट आने के बाद सामने आई थी। ED ने अंबानी, उनकी कंपनियों और सहयोगियों से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी के मामले में पहले ही तीन अलग-अलग मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज किए हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com