

दिल्ली: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण यानी सीसीपीए ने रविवार यानी 13 अक्टूबर को ग्राहकों के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। सीसीपीए ने मनमानी को खत्म करते हुए ऑनलाइन टैक्सी सेवा कंपनी ओला को कई निर्देश दिए है, जिसमें वह ग्राहकों को अपनी पसंद के तरीके के विकल्प चुनने की सुविधा प्रदान करेगा। जिसमें ग्राहक चाहें तो वह रिफंड का पैसा सीधे अपने बैंक खाते में या कूपन के जरिए प्राप्त कर सकते हैं। यह फैसला ग्राहकों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्राधिकरण ने ओला को यह निर्देश भी दिए हैं, कि वह अपने प्लेटफॉर्म के माध्यम से बुक की गी सभी राइड्स के लिए ग्राहकों को बिल या रसीद देगा। इससे सेवाओं के प्रति ट्रांसपेरेंसी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सकेगी।
इस साल 9 अक्टूबर तक करीब 2061 शिकायतें ओला कैब्स के खिलाफ राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर दर्ज की गई थी। जिसमें ज्यादातर शिकायतें बुकिंग के समय ज्यादा किराया लेना और उपभोक्ताओं को पैसा वापिस न करने से जुड़ी थी। इस मामले में सीसीपीए ने सुनवाई की और इस मामले को ग्राहकों के अधिकारों का उल्लंघन बताया। इस मामले में सीसीपीए ने आदेश देते हुए कहा कि ओला कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर बुक की जाने वाली राइड्स पर सभी ग्राहकों को बिल देगा।
बता दें कि अगर कोई ओला एप पर शिकायत दर्ज करता है तो कंपनी अपने नौ क्वेश्चन आस्क्ड रिफंड पॉलिसी के तहत उन्हें एक कूपन कोड दिया जाता है। ग्राहक से पूछा नहीं जाता कि वह किस तरह रिफंड चाहता है। जिसके बाद ग्राहक इस कूपन कोड को अलगी राइड के समय ही इस्तेमाल कर सकते हैं। यह पॉलिसी कंपनी लोगों को अलगी सवारी लेने के लिए प्रोत्साहित करती है। इसके अलावा अगर कोई ग्राहक ओला बुक करके रसीद लेने का प्रयास करता है, तो ऐप सेवा के नियमों में बदलाव करके रसीद देने से मना कर देती है। जिसकी वजह से सीसीपीए ने इस नियम को ग्राहकों के अधिकारों को उल्लंघन बताया।
सीसीपीए के इस फैसले के बाद अब ग्राहक ओला टैक्सी सेवा एप पर अपना पसंदीदा विकल्प चुन सकते हैं। साथ ही राइड की रसीद भी ले सकते हैं। इसके जरिए ग्राहकों के हितों की रक्षा हो सकेगी। अब आप बुक की गई सभी राइड्स पर इनवॉइस प्राप्त कर सकते हैं।