
केवी श्रीनिवासन व नीलेश शाह (डिजाइन फोटो)
नई दिल्ली: केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट संसद में पेश कर दिया है। बजट को लेकर राजनैतिक दलों की मिली जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एनडीए में शामिल दल जहां बजट की तारीफ कर रहे हैं और सपनों का बजट बता रहे हैं तो वहीं, विपक्षी दल बजट की आलोचना कर रहे हैं। इस बीच बजट को लेकर उद्योग जगत से रिएक्शन्स आने शुरू हो गए हैं।
बजट 2025 में किए गए प्रावधानों को लेकर उद्योग जगत काफी उत्साहित दिखाई दे रहा है। व्यापारियों की प्रतिक्रियाएं देखकर लगता है कि उन्हें फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया लेखा-जोखा काफी पसंद आया है। तो चलिए जानते हैं कि उद्योगजगत बजट 2025 पर क्या कुछ कह रहा है।
प्रोफेक्टस कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक और सीईओ केवी श्रीनिवासन ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बजट ने एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा दिया है। इसमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के वर्गीकरण के लिए पूंजी निवेश और टर्नओवर की सीमा में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। क्रेडिट गारंटी योजना को और मजबूत करने के साथ-साथ इस कदम से पूंजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इससे एमएसएमई को अपने परिचालन को आधुनिक बनाने और विस्तार करने में मदद मिलेगी। स्टार्टअप के लिए बेहतर क्रेडिट फ्लो भी एक बहुत ही सराहनीय कदम है। साथ ही, व्यक्तिगत कर के बोझ में तेजी से कमी से लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी, जिससे एमएसएमई द्वारा उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं की मांग में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।”
कोटक महिंद्रा एएमसी के एमडी नीलेश शाह का कहना है कि बजट राजकोषीय घाटे में कमी, कर कटौती के माध्यम से शहरी खपत को समर्थन और केंद्र, राज्य और पीएसयू आवंटन के माध्यम से पूंजीगत व्यय में वृद्धि के 3 प्रमुख उपायों के माध्यम से त्रिवेणी संगम की उम्मीदों को पूरा करता है।
कोटक सिक्योरिटीज के एमडी और सीईओ श्रीपाल शाह का कहना है कि केंद्रीय बजट 2025 स्पष्ट रूप से राजकोषीय स्थिरता सुनिश्चित करते हुए विकास को गति देने के लिए उपभोक्ता मांग को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। पिछली दो तिमाहियों में आर्थिक विस्तार धीमा पड़ने के साथ, घोषित उपायों का उद्देश्य फिर से गति बढ़ाना है।
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उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत आयकर में एक बड़ी राहत पेश की गई है, जिससे 12 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों का कर शून्य हो जाएगा। इस कदम से मध्यम वर्ग पर वित्तीय बोझ कम होने, बढ़ती कीमतों के प्रभाव को कम करने और उच्च उपभोक्ता खर्च के साथ-साथ निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा टीडीएस और टीसीएस प्रणाली में कई सुधारों को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।






