युवाओं के लिए इंटर्नशिप और स्किलिंग प्रोग्राम पर बड़ा फंड (सोर्स-सोशल मीडिया)
PM Internship Scheme stipend and benefits: केंद्र सरकार बजट 2026 में देश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘रोजगार और कौशल’ (Employment and Skilling) के मोर्चे पर ऐतिहासिक घोषणाएं क्र सकती है। वित्त मंत्री ने युवाओं के लिए 2 लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम पैकेज का ऐलान किया है, जिसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में रोजगार के करोड़ों अवसर पैदा करना है। इस योजना के तहत 1 करोड़ युवाओं को देश की टॉप 500 कंपनियों में इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा, जिससे उन्हें वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त हो सके। सरकार का यह कदम शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई को पाटने और भारत को ‘विश्व की स्किल कैपिटल’ बनाने की दिशा में एक बड़ा निवेश है।
बजट 2026 में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के लिए विशेष फंड आवंटित करने के आसार हैं, जिसके तहत 21-24 वर्ष के युवाओं को 12 महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। चयनित इंटर्न को 5,000 प्रति माह का स्टाइपेंड मिलेगा, जिसमें से 4,500 सरकार और 500 कंपनियां अपने CSR फंड से देंगी। इसके अलावा, इंटर्नशिप जॉइन करने पर 6,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी, ताकि युवाओं को शुरुआती खर्चों में मदद मिल सके।
कौशल विकास के लिए सरकार ने 8,800 करोड़ रूपये के साथ ‘स्किल इंडिया प्रोग्राम’ को 2026 तक जारी रखने और आधुनिक बनाने की घोषणा की है। इस कार्यक्रम के तहत एआई (AI), ड्रोन टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी जैसे उभरते क्षेत्रों में 400 से अधिक नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। देश भर के 1,000 सरकारी आईटीआई (ITIs) को अपग्रेड किया जाएगा और 1,200 व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाएं (Vocational Labs) स्थापित की जाएंगी ताकि ग्रामीण युवाओं को भी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिल सके।
रोजगार सृजन को गति देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश के साथ ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ (PMVBRY) की घोषणा की गई है। इस योजना का लक्ष्य अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक नए रोजगार पैदा करना है, जिसमें सरकार नए कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन देगी। नियोक्ताओं को भी हर नए कर्मचारी की भर्ती पर 3,000 रूपये प्रति माह का प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे कंपनियां अधिक नियुक्तियों के लिए प्रेरित होंगी।
युवाओं को नौकरी खोजने वाले के बजाय नौकरी देने वाला बनाने के लिए मुद्रा योजना (PMMY) के तहत ऋण सीमा को बढ़ाया जा सकता है। ‘तरुण प्लस’ श्रेणी के तहत अब उद्यमी 20 लाख रूपये तक का ऋण प्राप्त कर सकेंगे, जो पहले 10 लाख रूपये था। इसके साथ ही, 5 लाख महिलाओं और अनुसूचित जाति/जनजाति के नए उद्यमियों के लिए 2 करोड़ रूपये तक के टर्म लोन की विशेष योजना भी बजट का मुख्य आकर्षण हो सकती है।
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सरकार ने 10 लाख युवाओं को विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में प्रशिक्षित करने के लिए ‘इंडिया AI मिशन’ के तहत अलग से फंड रखा है। जयपुर और नई दिल्ली जैसे शहरों में ग्लोबल AI समिट के माध्यम से युवाओं को वैश्विक मंच और तकनीक से जोड़ा जा रहा है। इन पहलों के माध्यम से सरकार का लक्ष्य 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करना है, जहां हर हाथ में हुनर और हर चेहरे पर मुस्कान हो।