Gold-Silver Rate Today: युद्ध की आग में चमका सोना, 5811 की भारी बढ़त, चांदी ने लगाई 9492 की लंबी छलांग
War Impact On Gold-Silver Rate: ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते सोने-चांदी की कीमतों में भारी उछाल आया है। सोना 5,811 और चांदी 9,492 महंगी हुई है, जिससे निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया है।
- Written By: प्रिया सिंह
ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते सोने-चांदी की कीमतों में भारी उछाल (सोर्स- सोशल मीडिया)
Rising Gold Silver Prices As US-Iran-Israel War: मध्य पूर्व में छिड़े भीषण युद्ध ने दुनिया भर के वित्तीय बाजारों में खलबली मचा दी है और सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की चमक काफी बढ़ गई है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों में डर का माहौल है जिससे कीमती धातुओं के दाम आज अचानक आसमान छूने लगे हैं। आज सुबह जब बाजार खुला तो निवेशकों ने अपनी पूंजी बचाने के लिए सोने और चांदी की ओर रुख किया जो बाजार के लिए एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बन गया। युद्ध की इस विभीषिका ने न केवल लोगों के जीवन को प्रभावित किया है बल्कि उनकी जमा पूंजी और निवेश के पुराने तरीकों को भी पूरी तरह बदल दिया है।
बाजार में ऐतिहासिक तेजी
सोमवार सुबह घरेलू बाजार यानी MCX पर अप्रैल 2026 डिलीवरी वाले सोने के दाम 5,811 बढ़कर 1,67,915 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए। चांदी में तो और भी बड़ी तेजी देखी गई जहां 5 मार्च 2026 की डिलीवरी वाली चांदी 9,492 की छलांग लगाकर 2,84,490 प्रति किलो हो गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत 2 प्रतिशत से अधिक चढ़कर लगभग 5,390 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर चुकी है।
युद्ध और अनिश्चितता का असर
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबरों और अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों ने वैश्विक स्तर पर भारी अनिश्चितता पैदा कर दी है। इसके जवाब में तेहरान ने कई देशों में मौजूद अमेरिकी अड्डों पर मिसाइलें दागीं जिससे हालात और भी ज्यादा नाजुक और तनावपूर्ण हो गए हैं। इस अशांति के कारण निवेशक अब सरकारी बॉन्ड और मुद्राओं के बजाय सोने को अपनी पहली पसंद मान रहे हैं क्योंकि यह संकट में सबसे सुरक्षित है।
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रिकॉर्ड तोड़ बढ़त का सिलसिला
फरवरी के महीने में सोने ने लगातार सातवें महीने बढ़त दर्ज की है जो साल 1973 के बाद सबसे लंबा मासिक बढ़त का सिलसिला माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ युद्ध ही नहीं बल्कि केंद्रीय बैंकों द्वारा की जा रही सोने की भारी खरीद भी कीमतों को लगातार ऊपर ले जा रही है। भले ही जनवरी में कुछ गिरावट आई थी लेकिन इस साल अब तक सोने ने अपने निवेशकों को लगभग एक-चौथाई का शानदार रिटर्न दिया है।
अर्थव्यवस्था पर चौतरफा मार
युद्ध की इस आग ने केवल कीमती धातुओं को ही प्रभावित नहीं किया बल्कि कच्चे तेल की कीमतों में भी पिछले चार साल की सबसे बड़ी उछाल आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंका से तेल बाजार में हड़कंप मचा है और कच्चा तेल 80 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। इसके साथ ही डॉलर भी मजबूत हो रहा है लेकिन सोने की भौतिक संपत्तियों के सामने अब हर विदेशी मुद्रा कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है।
विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण राय
बाजार रणनीतिकारों का मानना है कि वर्तमान क्षेत्रीय अनिश्चितताओं के बीच सोने में आई यह तेजी निवेशकों द्वारा एक सुरक्षित ठिकाना तलाशने का स्पष्ट शुरुआती संकेत है। उनका कहना है कि इस असाधारण और कठिन दौर में कीमती धातुएं और कमोडिटीज ही असली मजबूत मुद्रा के रूप में उभरकर बाजार में सामने आ रही हैं। जब तक युद्ध की स्थिति बनी रहेगी तब तक सोने और चांदी की कीमतों में इसी तरह की अस्थिरता और तेजी देखने को मिल सकती है।
