
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी, फोटो - सोशल मीडिया
नवभारत डिजिटल डेस्क : आज यानी 1 फरवरी को 11 बजे बजट पेश किया जाना है। ऐसे में सबकी निगाहें हैं कि मिडिल क्लास के लिए इस बार के बजट में क्या खास होगा? ऐसे में आज के इस आर्टिकल में हम बात करने वाले हैं कि मिडिल क्लास को टैक्स स्लैब में कितनी राहत मिल सकती है, तो इसके लिए पढ़ लीजिए इस आर्टिकल को अंत तक।
दरअसल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज यानी 1 फरवरी को लगातार आठवीं बार बजट पेश करने जा रही हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि सरकार इस बार गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए किसी बड़ी योजना का ऐलान कर सकती है।
बता दें, इससे पहले PM मोदी ने बीते शुक्रवार यानी 31 जनवरी को महा लक्ष्मी मंत्र का स्मरण किया और कहा कि वह प्रार्थना करते हैं कि देवी गरीबों और मध्यम वर्ग पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें। संसद के बजट सत्र का आगाज बाते 31 जनवरी 2025 से शुरू हुआ है, जो 13 फरवरी 2025 तक चलने वाला है।
नए बजट सत्र की शुरुआत से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं धन और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी को नमन करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि मैं प्रार्थना करता हूं कि मां लक्ष्मी हमारे देश के गरीब और मध्यम वर्ग पर अपनी कृपा बरसाती रहें।
पीएम मोदी के संबोधन के ठीक बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन हुआ, जिसमें द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सरकार मध्यम वर्ग के अपने घर के सपने को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मोदी सरकार के तीसरे पूर्ण बजट से एक दिन पहले प्रधानमंत्री के बयान को इस बात का संकेत माना जा रहा है कि बजट में गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए कुछ लाभकारी होगा।
सरकार ने नए इनकम टैक्स स्लैब को FY 2024-25 में आम आदमी के टैक्स भार को कम करने के लिए किया था। इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार इनकम टैक्स स्लैब और दरों में कुछ और बड़ी सुधार कर सकती है, जिससे मिडिल क्लास को थोड़ी मिले।
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ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि 30 प्रतिशत वाले टैक्स स्लैब को मौजूदा समय में 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये से अधिक किया जा सकता है। ध्यान देने वाली यह है कि नई इनकम टैक्स स्लैब सिस्टम में स्टैंडर्ड डिडक्शन को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दिया गया था।






