निर्मला सीतारमण क्या इस बजट में पूरी कर पाएंगी आम जनता की आस

मिडिल क्लास एक ऐसा वर्ग है, जो पूरी मेहनत करके ही अपनी रोटी कमा पाता है और इसी मेहनत की कमाई से अपना पेट भरता है। बजट का सबसे ज्यादा बोझ हमेशा से इसी वर्ग पर रहा है।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (सौजन्य : सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आने वाले 1 फरवरी को देश का आम बजट पेश करने जा रही है। इस बार के बजट से आम जनता को काफी उम्मीदें है। खासकर पूरे देश भर के लोगों को, युवाओं , किसानों, व्यापारियों और महिलाओं को इस बजट से खासा आशा है। केंद्र सरकार के सामने सबसे अहम मुद्दों में जीडीपी ग्रोथ रेट, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी जैसी समस्याएं हैं। इन परेशानियों का सामना करना सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। देश के मिडिल क्लास वर्ग को इस बजट से क्या मदद मिल सकती है, ये देखने लायक रह सकता है।

अगर मिडिल क्लास सेगमेंट को परिभाषित किया जाए, तो ये ऐसा वर्ग है, जो पूरी मेहनत करके ही अपनी रोटी कमा पाता है और इसी मेहनत की कमाई से अपना पेट भरता है। बजट का सबसे ज्यादा बोझ हमेशा से इसी वर्ग पर रहा है, इसीलिए इस वर्ग के लोगों को इस बार के बजट से काफी उम्मीदें हैं। इस सेगमेंट को बेहतर शिक्षा, बेहतर सुविधा और बेहतर व्यवस्था की उम्मीद है।

इन बदलावों की है उम्मीद

बताया जा रहा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार बजट में कुछ नया कर सकती है। इस नए बदलाव के पहले हमें एक नजर अभी की परिस्थिति पर डालनी होगी। इस समय भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी इकोनॉमी के तौर पर कायम है। हालांकि पिछले कुछ आंकड़े काफी चिंताजनक रहे हैं, जिसमें देश की जीडीपी ग्रोथ का पिछली तिमाही में 5.4 प्रतिशत पर पहुंचना भी शामिल हैं। इन आंकड़ों से ये भी पता चलता है कि देश की खपत में भी कमी आयी है, जिसमें मिडिल क्लास सेगमेंट की खपत सबसे कम हुई है। बढ़ती मुद्रस्फीति दर के कारण साबुन, तेल से लेकर कार तक की कीमतें शामिल हैं। इसीलिए मिडिल क्लास सेगमेंट इस बार के बजट में सबसे बड़ी उम्मीद टैक्स में कटौती की जाने की कर रहा है। जिसका सीधा असर उसकी जेब पर पड़ सकता है और वो कुछ बचत कर सकता है।

टैक्स में छूट

विशेषज्ञों के अनुसार बताया जा रहा है कि सरकार मिडिल क्लास वर्ग को राहत पहुंचाने के लिए और इस वर्ग की खपत बढ़ाने के लिए 15 लाख की सालाना आय वाले लोगों के लिए टैक्स में कटौती कर सकती है। अगर ऐसा किया जाता है, तो इससे देश के लाखों टैक्सपेयर्स को फायदा हो सकता है। इसके अलावा , टैक्सपेयर्स के हाथों में ज्यादा डिस्पोजेबल इनकम देने के लिए मूल छूट लिमिट को कम से कम 50,000 रुपये तक बढ़ाया जा सकता है।

इनकम टैक्स में बदलाव

केंद्र सरकार लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को और भी ज्यादा आसान बनाने के लिए टैक्स रिजीम को और आसान करने पर विचार कर रही है। इसके अलावा मीडिया रिपोर्ट्स से जानकारी मिली है कि सरकार इनकम टैक्स से जुड़े नियमों में बदलाव कर सकती है, जिससे इस टैक्स रिजीम से लोगों को परेशानी ना हो।

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