क्रेडिट कार्ड के भरोसे जीवन, 50 हजार से कम कमाई वाले 93% प्लास्टिक मनी पर निर्भर

Credit Card: 360 डॉट एआई ने एक स्टडी में एक साल के दौरान भारत में 20,000 से अधिक सैलरीड क्लास और सेल्फ-एम्प्लॉयड पर्सन के फाइनेंशियल बिहेवियर का विश्लेषण किया है। जिसमें चौंकाने वाले आंकड़ें आए हैं।
People's dependence on credit cards increased
(कॉनसेप्ट फोटो)
Published on
Updated on

Credit Card Users Hike: डिजिटल इंडिया के तहत देश के कोने-कोने से लोगों को इंटरनेट से जोड़ने के लिए सरकार मुहिम चला रही है। इसी का असर है कि भारत में डिजिटल पेमेंट- जैसे की यूपीआई का चलन काफी तेजी से बढ़ा है। हालांकि, दूसरी तरफ क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। क्रेडिट कार्ड पर निर्भर रहने वालों में ज्यादातर कम इनकम वाले लोग शामिल हैं। एक स्टडी में ये जानकारी सामने आई है कि 50 हजार रुपये से कम कमाने वाले करीब 93 प्रतिशत सैलरीड क्लास के लोग इसी प्लास्टिक मनी के जरिए अपना जीवन चला रहे हैं।

कंप्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विस (CAMS) कंपनी थिंक 360 डॉट एआई ने एक स्टडी में एक साल के दौरान भारत में 20,000 से अधिक सैलरीड क्लास और सेल्फ-एम्प्लॉयड पर्सन के फाइनेंशियल बिहेवियर का विश्लेषण किया है। इस स्टडी के अनुसार, देश के 85 प्रतिशत सेल्फ-एम्प्लॉयड पर्सन क्रेडिट कार्ड पर निर्भर हैं।

BNPL के इस्तेमाल में भी इजाफा

थिंक 360 एआई द्वारा मंगलवार को जारी स्टडी रिपोर्ट में बता गया है कि अभी खरीदें, बाद में भुगतान करें’ (Buy Now Pay Later) सेवाओं का इस्तेमाल 18 प्रतिशतसेल्फ-एम्प्लॉयड और 15 प्रतिशत सैलरीड पर्सन करते हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, ‘थिंक 360 डॉट एआई’ के फाउंडर और सीईओ अमित दास ने कहा कि भारत के विकसित होते कर्ज परिदृश्य में, क्रेडिट कार्ड और बीएनपीएल अब सैलरीड प्रोफेशनल्स से लेकर अस्थायी कर्मियों तक, सभी के लिए एक जरूरत बन गए हैं।

डिजिटल लोन में फिनटेक की अहम भूमिका

थिंक टैंक की इस रिपोर्ट में फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनियों (फिनटेक) के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख भी किया गया है, जो भारत की डिजिटल लोन क्रांति का लीडरशिप कर रही हैं। स्टडी में पाया गया कि फिनटेक कंपनियों ने वित्त वर्ष 2022-23 में 92,000 करोड़ रुपये से अधिक के पर्सनल लोन वितरित किए, जो मात्रा के हिसाब से सभी नए कर्ज का 76 प्रतिशत है।

कम आय वालों में क्रेडिट कार्ड का प्रचलन

गौरतलब है कि क्रेडिट कार्ड होल्डर्स को बैंक की ओर से पैसा चुकाने के लिए एक निश्चित समय-सीमा दिया जाता है। इसके अलावा, क्रेडिट कार्ड पर एक तय सीमा तक खर्च करने के बाद बैंकों द्वारा ग्राहकों को कई तरह के अलग-अलग ऑफर दिए जाते हैं। ऐसे में कम आय वाले लोगों के लिए घर के बिल चुकाने से लेकर शॉपिंग तक ये काफी पॉपुलर हैं। इस बीच अब एसबीआई ने क्रेडिट कार्डधारकों के लिए कुछ नियम बदले हैं। इन बदलावों में मिनिमम एमाउंट ड्यू के साथ ही प्रीमियम कार्ड पर मिलने वाली फ्री इंश्योरेंस और पेमेंट सेटल प्रक्रिया शामिल है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com