केंद्रीय कर्मचारियों को झटका, 2026 नहीं 2028 में लागू होगा 8वां वेतन आयोग; सामने आई ये बड़ी वजह
8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने 16 जनवरी को 8वें वेतन आयोग को मंजूरी देते हुए कहा कि 1 जनवरी 2026 तक नया पे कमीशन लागू किया जाएगा। लेकिन, आठ महीने बाद भी आयोग के सदस्यों कि नियुक्ति नहीं हो सकी।
- Written By: मनोज आर्या
आठवां वेतन आयोग, (कॉन्सेप्ट फोटो/ नवभारत लाइव डॉट कॉम)
8th Pay Commission Latest Update: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली सरकार ने जनवरी 2025 में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लेकर एक बड़ा ऐलान किया था। मोदी कैबिनेट ने 16 जनवरी को 8वें वेतन आयोग को मंजूरी देते हुए कहा था कि 1 जनवरी 2026 तक नया पे कमीशन लागू किया जाएगा। हालांकि, आठ महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आयोग की अधिकारिक नोटिफिकेशन, टर्म्स ऑफ रिफरेंस और सदस्यों कि नियुक्ति अभी तक नहीं हो सकी है। इस स्थिति में कर्मचारियों और संगठनों में चिंताएं पैदा हो गई हैं, और बड़ा सवाल यह है कि क्या 8वें वेतन आयोग को लागू होने के लिए 2028 तक का इंतजार करना होगा?
पिछले रिकॉर्ड को देखने से पता चलता है कि किसी भी वेतन आयोग के गठन से लेकर उसके लागू होने तक दो से तीन साल लगते हैं। अगर इस बार भी ऐसा होता है, तो कर्मचारियों को 2028 तक इंतजार करना पड़ सकता है। आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू होने में कितना समय लग सकता है, इसका अंदाजा लागने के लिए पिछले दो वेतन आयोगों की समय-सीमा- (घोषणा होने स लेकर लागू होने तक) पर नजर डालते हैं।
छठवां वेतन आयोग कब लागू हुआ था?
बता दें कि छठे वेतन आयोग का गठन अक्टूबर 2006 में हुआ था। जिसका रिपोर्ट आयोग ने मार्च 2008 में सरकार को सौंपी थी। सरकार ने अगस्त 2008 में रिपोर्ट स्वीकार की और 1 जनवरी, 2006 से पैनल की सिफारिशों को पूर्वव्यापी रूप से लागू किया। इस प्रकार, छठे वेतन आयोग के गठन से लेकर कार्यान्वयन तक लगभग 22-24 महीने लगे।
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सातवें वेतन आयोग का गठन कब हुआ?
सातवें वेतन आयोग का फरवरी 2014 में हुआ था और इसके कार्य-दर-निर्देश मार्च 2014 तक अंतिम रूप दे दिए गए थे। आयोग ने नवंबर 2015 में अपनी रिपोर्ट सौंपी। सरकार ने जून 2016 में सिफारिशों को स्वीकार किया और 1 जनवरी, 2016 से उन्हें लागू किया। इसका मतलब है कि कि इसके गठन से लेकर कार्यान्वयन तक लगभग 33 महीने (2 वर्ष और 9 महीने) लगे। इन दोनों आयोग के समय-सीम से साफ पता चलता है कि दोनों आयोगों को औसतन 2-3 वर्ष लगे।
आठवें वेतन आयोग की वर्तमान स्थिति
आठवें वेतन आयोग की घोषणा 16 जनवरी, 2025 को हुई थी। लेकिन अभी तक सदस्यों की सूची या टर्म्स ऑफ रिफरेंस जारी नहीं हुुआ है। इसका मतलब है कि वास्तविक प्रक्रिया अभी शुरू भी नहीं हुई है। अगर आयोग का गठन आने वाले महीनों में होता है और रिपोर्ट तैयार होने में दो साल लगते हैं, तो यह 2027 तक तैयार हो जाएगी। उसके बाद, सरकार को भी रिपोर्ट पर विचार करने, उसमें संशोधन करने और उसे मंज़ूरी देने के लिए समय चाहिए होगा। इसलिए, 2028 तक इसे लागू करना एक व्यावहारिक संभावना है। हालांकि, आयोग की सिफारिशें जनवरी 2026 से पूर्वव्यापी रूप से लागू होंगी, जिससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को विलंबित अवधि का बकाया मिलेगा।
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क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
आर्थिक जानकारों का मानना है कि अगर सातवें वेतन आयोग की नीति दोहराई जाती है, तो आठवें आयोग की रिपोर्ट और उसके बाद की मंजूरी में समय लगेगा। मौजूदा देरी को देखते हुए, इसके 2028 तक खिंचने की संभावना ज्यादा है। इस बीच, 1.2 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी और पेंशनभोगी समिति के प्रमुख सदस्यों की नियुक्ति और ToR का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इतिहास गवाह है कि छठे और सातवें आयोग को लागू होने में काफी समय लगा था। इसलिए, यह कहना गलत नहीं होगा कि आठवां वेतन आयोग 2028 से पहले लागू नहीं हो पाएगा।
