8वें वेतन आयोग में DA मर्ज करने की मांग तेज, कर्मचारियों की सैलरी 55 हजार रुपये तक बढ़ाने की तैयारी?
8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। कर्मचारी संगठनों ने महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक सैलरी में मर्ज करने और न्यूनतम वेतन रु55 हजार करने की मांग की।
- Written By: हितेश तिवारी
8वें वेतन आयोग (फोटो - गूगल इमेज)
8th CPC Salary Hike : केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को महंगाई से राहत देने के लिए समय-समय पर Dearness Allowance (DA) बढ़ाया जाता है। लेकिन अब 8वें वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच कर्मचारी संगठन इससे भी बड़ी मांग उठा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा DA को बेसिक सैलरी में ही जोड़ दिया जाए।
इस मुद्दे को लेकर कई कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के सामने अपने सुझाव और ज्ञापन भी सौंपे हैं। ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) ने भी DA मर्जर की मांग को जोरदार तरीके से उठाया है।
AINPSEF ने की DA मर्जर की मांग
दरअसल, महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए दिया जाता है। अभी यह बेसिक सैलरी से अलग मिलता है और साल में दो बार बढ़ाया जाता है। लेकिन कर्मचारी संगठनों का कहना है कि दिसंबर 2025 तक DA करीब 58 प्रतिशत पहुंच चुका है, जो यह दिखाता है कि जीवन यापन की लागत कितनी बढ़ गई है।
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उनका तर्क है कि जब DA इतना ज्यादा हो गया है, तो इसे अलग रखने के बजाय बेसिक पे का हिस्सा बना देना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, पेंशन, रिटायरमेंट बेनिफिट्स और भविष्य की सैलरी बढ़ोतरी पर भी सीधा असर पड़ेगा।
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न्यूनतम वेतन 55 से 60 हजार रुपये तक करने की मांग
कर्मचारी संगठन न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि 7वें वेतन आयोग में तय 18 हजार रुपये की न्यूनतम सैलरी पुरानी जरूरतों के हिसाब से तय की गई थी। अब परिवार के खर्च, शिक्षा, इलाज, किराया और रोजमर्रा की जरूरतें काफी बढ़ चुकी हैं।
फेडरेशन ने सुझाव दिया है कि परिवार की यूनिट को तीन से बढ़ाकर पांच माना जाए। इसी आधार पर न्यूनतम वेतन 55 हजार से 60 हजार रुपये तक तय करने की मांग की गई है। फिलहाल 8वें वेतन आयोग की चर्चाएं जारी हैं और लाखों सरकारी कर्मचारियों की नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है।
