सबसे ‘धाकड़’ उम्मीदवार ने छोड़ी जन सुराज पार्टी, बताया क्यों छोड़ा PK का साथ; बिहार में बढ़ गई सियासी हलचल
Ritesh Pandey Bihar: बिहार चुनावों में निराशाजनक नतीजों के बाद भोजपुरी सिंगर रितेश पांडे ने एक बड़ा फैसला लिया है। जाने-माने भोजपुरी कलाकार ने जन सूरज पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
- Written By: अभिषेक सिंह
रितेश पांडेय और प्रशांत किशोर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Bihar Politics: बिहार चुनावों में निराशाजनक नतीजों के बाद भोजपुरी सिंगर रितेश पांडेय ने एक बड़ा फैसला लिया है। जाने-माने भोजपुरी कलाकार ने जन सूरज पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे की खबर शेयर की और अपने फैसले के पीछे की मुख्य वजह भी बताई।
रितेश पांडेय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि एक जिम्मेदार भारतीय नागरिक के तौर पर मैंने जन सूरज पार्टी में शामिल होकर लोकतंत्र के इस महान त्योहार में हिस्सा लिया। नतीजे अच्छे नहीं रहे, लेकिन मुझे कोई अफसोस नहीं है। क्योंकि मैंने अपना काम ईमानदारी से किया।
रितेश पांडेय ने और क्या कुछ कहा?
पांडेय ने आगे लिखा, “अब मैं उसी काम के ज़रिए आप सभी की सेवा करना चाहता हूं, जिसने मुझ जैसे एक किसान परिवार के एक आम लड़के को इतना प्यार, स्नेह और सम्मान दिया है। एक राजनीतिक पार्टी का एक्टिव सदस्य रहते हुए ऐसा करना बहुत मुश्किल है। इसलिए आज मैं जन सूरज पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं।”
सम्बंधित ख़बरें
नीतीश की लिस्ट से निशांत कुमार का नाम गायब, JDU की नई कार्यकारिणी में क्यों नहीं मिली जगह; यह है बड़ी वजह
नवभारत निशानेबाज: BJP का विस्तार हुआ विराट, लोकतंत्र में ले आए सम्राट
Nitish Kumar: नीतीश कुमार का ‘दिल्ली प्लान’ तैयार, क्या बदलने वाला है देश का सियासी समीकरण? जानें सबकुछ
नीतीश ने बिहार के साथ किया बड़ा गेम…सम्राट चौधरी के CM बनते ही प्रशांत किशोर ने खोल दिया मोर्चा
एक जिम्मेदार भारतीय होने के नाते और अधिकार से मैंने जन सुराज पार्टी के साथ जुड़कर लोक तंत्र के महापर्व में भाग लिया,परिणाम अनुकूल नहीं रहे पर मुझे इसका तनिक भी अफसोस नहीं है क्यों की मैंने अपना काम ईमानदारी से किया
खैर-अब उसी काम के माध्यम से आप सभी का सेवा जारी रखना है जिससे आप… — Ritesh Pandey (@riteshpandeyrp) January 12, 2026
सियासी हलकों में नई चर्चाओं का दौर
भोजपुरी सिंगर ने आखिर में लिखा कि ‘कम शब्दों में अपनी बात को कहने का प्रयास किया है’, उम्मीद है आप लोग समझेंगे। जिसका मतलब यह हुआ कि रितेश पांडेय किसी गहरी बात की तरफ इशारा कर रहे हैं। यही वजह है कि इस आखिरी लाइन ने सियासी हलकों ने नई चर्चाओं को हवा दे दी है।
यह भी पढ़ें: ‘बिहार में लोकतंत्र नहीं, धनतंत्र जीता’, तेजस्वी ने नीतीश सरकार पर बोला हमला, ली 100 दिनों की भीषण प्रतिज्ञा
कहा जा रहा है कि रितेश पांडेय पार्टी की हार के बाद निष्क्रियता से असंतुष्ट थे। चर्चा यह भी है कि नौकरियों की बात करने वाले प्रशांत किशोर ने अपनी प्रोफेशनल टीम, जेएसपीटी कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड में काम करने वाले 1000 लोगों को नौकरी से बाहर निकाल दिया। इस वजह से भी रितेश पांडेय को धक्का लगा है।
रितेश ने किस सीट से लड़ा था चुनाव?
गौरतलब है कि रितेश पांडेय ने बिहार विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज की सदस्यता ली थी। उन्होंने बिहार में रोहतास जिले के करगहर विधानसभा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा था। जिसमें हार का सामना करना पड़ा था। करगहर से जेडीयू उम्मीदवार वशिष्ठ सिंह ने 35676 वोटों से चुनावी बाजी अपने नाम की थी।
