'बिहार में लोकतंत्र नहीं, धनतंत्र जीता', तेजस्वी ने नीतीश सरकार पर बोला हमला, ली 100 दिनों की भीषण प्रतिज्ञा

Tejashwi Yadav News: बिहार की राजनीति में चुनाव परिणामों के बाद जुबानी जंग तेज हो गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और RJD नेता तेजस्वी यादव ने हार के बाद नीतीश सरकार पर बड़ा हमला बोला है।
Tejashwi Yadav statement on Bihar Election Results attack Nitish Kumar Govt
RJD नेता तेजस्वी यादव (फोटो- सोशल मीडिया)
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Tejashwi Yadav Statement: बिहार की राजनीति में चुनाव परिणामों के बाद जुबानी जंग तेज हो गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने हार के बाद नीतीश सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस बार बिहार में लोकतंत्र नहीं, बल्कि धनतंत्र की जीत हुई है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि नई सरकार जनादेश से नहीं, बल्कि छल-कपट और साजिशों की बुनियाद पर बनी है। उनके इस बयान ने सियासी हलकों में खलबली मचा दी है।

तेजस्वी ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे 'मशीन तंत्र' और 'धनतंत्र' का खेल बताया। उनका कहना है कि बिहार की जनता और पूरा देश जानता है कि किस तरह के षड़यंत्र रचे गए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे नकारात्मक राजनीति नहीं करेंगे। सरकार को काम करने का मौका देते हुए उन्होंने अगले 100 दिनों तक किसी भी सरकारी निर्णय पर टिप्पणी न करने और चुप्पी साधे रहने का संकल्प लिया है।

वादे पूरे करने की चुनौती

तेजस्वी यादव ने नई सरकार को उनके चुनावी घोषणा पत्र की याद दिलाते हुए तीखे सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा कि अब देखना होगा कि गरीब माताओं और बहनों के खाते में 2-2 लाख रुपये कब आते हैं और एक करोड़ युवाओं को रोजगार कब मिलता है। इसके अलावा, हर जिले में 4-5 नए थाने बनाने के वादे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा है। उनका कहना है कि वादे करना आसान है, लेकिन उन्हें निभाना असली चुनौती है। तेजस्वी ने साफ कर दिया है कि वे 100 दिन तक इंतजार करेंगे और देखेंगे कि सरकार अपने वादों पर कितना खरी उतरती है। वे देखना चाहते हैं कि जनता से किए गए लुभावने वादे हकीकत बनते हैं या जुमला ही रह जाते हैं।

घोटाले के सवाल पर खामोशी

जहां एक तरफ तेजस्वी यादव सरकार पर हमलावर दिखे, वहीं दूसरी तरफ अपने ऊपर लगे आरोपों पर उन्होंने चुप्पी साध ली। मीडिया ने जब उनसे 'लैंड फॉर जॉब स्कैम' और कोर्ट द्वारा उनके परिवार पर आरोप तय करने को लेकर सवाल किया, तो वे बिना कोई जवाब दिए वहां से निकल गए। गौरतलब है कि कोर्ट ने इस मामले में लालू परिवार की दलीलों को खारिज करते हुए उन्हें व्यापक साजिश का दोषी माना है। तेजस्वी का इस मुद्दे पर कुछ न बोलना यह दर्शाता है कि वे अभी अपना पूरा फोकस सरकार की नाकामियों को उजागर करने पर ही रखना चाहते हैं और कानूनी पचड़ों पर सार्वजनिक बयानबाजी से बच रहे हैं।

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