पापा बाथरुम से आए और सबको फांसी लगा दी...बेटे ने बताया मुजफ्फरपुर के 'बुराड़ी कांड' का खौफनाक मंजर

Muzaffarpur Suicide Case: बिहार में सुसाइड का एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने अपने 5 बच्‍चों को फंदे से बांध दिया. गनीमत रही कि 2 बच्चों के पैर नीचे रखी पेटी से जा टकराया और बच वो गए।
Muzaffarpur Suicide Scene
मुजफ्फरपुर सुसाइड केस में बचे बच्चे (Image- Social Media)
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Muzaffarpur Suicide Scene: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के एक गांव में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने मानसिक तनाव के कारण अपने पांच बच्चों को एक-एक करके फांसी पर लटकाया और फिर खुद भी आत्महत्या कर ली। यह भयावह घटना रविवार रात जिले के मिश्रौलिया गांव के घर में हुई। पिता अमनाथ राम ने पहले अपनी तीन बेटियों को फांसी पर लटकाया, फिर दोनों बेटों शिवम (6) और चंदन (5) को भी फांसी का फंदा बांध दिया।

हालांकि, दोनों बच्चे गनीमत से बच गए। शिवम और चंदन ने किसी तरह फांसी की रस्सी खोलकर अपनी जान बचाई। इस हादसे में शिवम और चंदन की जान बच गई, जबकि उनके पिता और तीन बहनें अनुराधा कुमारी (12), शिवानी कुमारी (11) और राधिका कुमारी (7) की मौत हो गई।

बेटे ने बताया दर्दनाक मंजर

हादसे के कुछ घंटे बाद भी शिवम और चंदन मानसिक रूप से इतने टूट चुके थे कि न तो वे अपनी आंखें खोल पा रहे थे, न ही इस भयानक घटना को बयां कर पा रहे थे। शिवम ने घटना के बारे में बताया, "मैं पापा और बहनों के साथ घर में था। मुझे नींद नहीं आ रही थी, तो मैं मोबाइल देख रहा था। तभी पापा बाथरूम के लिए बाहर गए। जब वह वापस आए, तो पहले उन्होंने तीनों बहनों को फांसी पर लटकाया और फिर खुद भी फांसी लगा ली। लेकिन मैं और मेरा छोटा भाई किसी तरह फांसी की रस्सी खोलकर नीचे उतर आए और बच गए। बाकी सभी लोग मारे गए।"

क्यों उठाया ऐसा खौफनाक कदम?

घटना के बाद सकरा थाना की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। एफएसएल की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई है और पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि यह आत्महत्या का मामला था या फिर इसके पीछे कोई और कारण था। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, और यह भी पता नहीं चल सका है कि पिता अमनाथ राम ने अपने बच्चों को क्यों फांसी पर लटकाया और फिर खुद भी अपनी जान क्यों दी। पुलिस यह भी जांच रही है कि कहीं यह मामला अंधविश्वास से तो जुड़ा नहीं है, जैसा कि दिल्ली के बुराड़ी जैसे मामलों में देखा गया था, जहां एक साथ पूरे परिवार ने आत्महत्या की थी।

बताया जा रहा है कि अमननाथ राम की पत्नी की एक साल पहले मौत हो गई थी और इसके बाद से ही वह मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। इस दुखद घटना का मुख्य कारण शायद इसी मानसिक तनाव को माना जा सकता है।

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