

RJD Accused Of Breaking Promises: बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण की वोटिंग के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन महागठबंधन के भीतर सीट शेयरिंग को लेकर असंतोष अब भी थमने का नाम नहीं ले रहा। इस बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में अपनी पार्टी जननायक जनता दल (JJD) का विलय करने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव के बेटे शांतनु यादव ने तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया हैं।
शांतनु यादव ने कहा कि उनके पिता ने जननायक जनता दल का राजद में विलय इस भरोसे पर किया था कि उन्हें मधेपुरा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का मौका दिया जाएगा। लेकिन वादे के बावजूद अब टिकट किसी और को दे दिया गया। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, 'हम राजनीति में झाल बजाने नहीं आए हैं, पिता की विरासत को आगे बढ़ाने आए हैं।'
शांतनु यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो शेयर कर लिखा कि, मेरा विरोध सिर्फ आवाज उठाना नहीं, बल्कि जिंदा होने और अपने हक के लिए डटे रहने का सबूत है। उन्होंने आगे कहा कि 'मेरे पिता ने राजद (RJD) में अपनी पार्टी मर्ज की थी। उस समय वादा किया गया था कि मुझे मधेपुरा से लोकसभा चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा। लेकिन बाद में लालू यादव और तेजस्वी ने कहा कि आप विधानसभा चुनाव लड़िए। हमने उन्हें अभिभावक मानते हुए सहमति दे दी। अब आखिरी वक्त में टिकट किसी और को दे दिया गया।'
शांतनु यादव ने संकेत दिया है कि वे अब अपने समर्थकों और क्षेत्र की जनता से चर्चा कर आगे की रणनीति तय करेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शांतनु यादव का यह बयान महागठबंधन, खासकर मधेपुरा सीट पर राजद के समीकरणों को झटका दे सकता है। यह इलाका यादव राजनीति का गढ़ माना जाता है, जहां शरद यादव ने कई बार सांसद रहकर मजबूत जनाधार बनाया था।
कांग्रेस नेता और उनकी बहन सुभाषिनी शरद यादव ने शांतनु यादव के इस बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा, 'जो अपने खून के नहीं हुए, वो दूसरों के क्या सगे होंगे। जो अपने ही परिवार के वफादार नहीं, वो किसी और के लिए कैसे भरोसेमंद हो सकते हैं?