न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेगी...जीतन राम मांझी ने तेजस्वी के सीएम बनने को बताया ख्याली पुलाव

Jitan Ram Manjhi: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव के इस दावे को खारिज किया है कि बिहार सरकार और केंद्र सरकार उनकी योजनाओं की नकल कर रही हैं।
Jitan Ram Manjhi Bihar Politics
जीतन राम मांझी (Image- Social Media)
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Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर नकल का आरोप लगाए जाने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। तेजस्वी यादव के पोस्ट पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की।

जीतन राम मांझी ने आगे कहा कि बिहार में विकास और सामाजिक न्याय का काम नीतीश कुमार के नेतृत्व में हो रहा है। हारने वाले लोग इसी तरह की बात करते रहते हैं। तेजस्वी यादव सपने देख रहे हैं कि वे मुख्यमंत्री बनेंगे, लेकिन न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेगी।

उनकी सोच जंगलराज

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पलटवार करते हुए कहा, "तेजस्वी यादव अपने को बहुत बड़ा समझ रहे हैं, लेकिन आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में बिहार की जनता उन्हें सही जगह दिखाने का काम करेगी। उनकी सोच जंगलराज की है। 2005 से पहले उनके पिता लालू प्रसाद यादव के शासन में बिहार में जंगलराज था। क्या लड़कियों को साइकिल और पोशाक दिया गया था? होमगार्ड को वेतन और 13 महीने का भुगतान नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुआ। सारा विकास कार्य हमारी सरकार कर रही है, लेकिन तेजस्वी यादव झूठ बोलकर श्रेय लेने की कोशिश करते हैं।"

प्रधानमंत्री मोदी ने जो कहा है, वह सही

मांझी ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जो कहा है, वह सही है। बिहार में बाहर के लोगों के वोट से दशा और दिशा तय नहीं होगी। संविधान के मुताबिक, केवल बिहार के नागरिकों को वोट का अधिकार है। 65 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कट चुके हैं। 2025 में तेजस्वी और उनकी पार्टी मुंह दिखाने लायक भी नहीं रहेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी बिहार, खासकर मगध के विकास के लिए विशेष उपहार लेकर आए थे। हमारा मानना ​​है कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव बिहार में जिन मुद्दों की बात कर रहे हैं, उसका कोई आधार नहीं है।

तेजस्वी के समर्थन में विपक्ष

तेजस्वी यादव के खिलाफ हुई इस कार्रवाई पर पूरा विपक्ष एकजुट नजर आ रहा है। आरजेडी और कांग्रेस ने इसे विपक्ष की आवाज को दबाने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने कहा कि चाहे एक हजार एफआईआर दर्ज हो जाएं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि यह यात्रा भाजपा के विचारों से आजादी पाने के लिए है।(एजेंसी इनपुट के साथ)