लड़कों के साथ घूमने पर परिवार वालों ने डांटा, 5 सहेलियों ने खाया जहर, एक ही चिता पर अंतिम संस्कार
Aurangabad News : बिहार के औरंगाबाद जिले में लड़कों के साथ घूमने पर परिवार वालों ने युवतियों को डांटा। इससे क्षुब्ध होकर पांच सहेलियों ने एक साथ जहर खा लिया। इनमें से 4 सहेलियों की मौत हो गई।
- Written By: रंजन कुमार
युवतियों की मौत पर शोकाकुल परिजन। इमेज-प्रतीकात्मक, एआई
Bihar News : बिहार के औरंगाबाद जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे देश को सन्न कर दिया है। हसपुरा थाना क्षेत्र के सैदपुर मोती बिगहा गांव में पांच किशोरियों ने एक साथ जहर खा लिया, जिसमें से चार सहेलियों की मौत हो गई। यह पूरी घटना जितनी दुखद है, उतनी ही हैरान करने वाली भी है। बताया जा रहा है कि परिजनों की मामूली डांट से आहत होकर इन बच्चियों ने मौत को गले लगाने जैसा खौफनाक कदम उठा लिया।
घटना 29 जनवरी की शाम की है। एकमात्र जिंदा बची लड़की ने बताया कि पांचों सहेलियां गांव के पास एक तालाब पर गई थीं। वहां उन्होंने पक्षियों को मारने वाली जहरीली दवा को स्वाद चखने के बहाने खा लिया। दवा खाने के कुछ ही देर बाद चारों सहेलियां तड़पने लगीं और मौके पर ही दम तोड़ दिया। पांचवीं लड़की ने दवा को चखकर तुरंत थूक दिया था, जिसके कारण उसकी जान बच गई। वह डर के मारे भागकर घर पहुंची और परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद उसे नीम का घोल पिलाकर बचाया गया।
आखिर क्यों उठाया ऐसा कदम?
इस सामूहिक आत्महत्या के पीछे की वजह अब धीरे-धीरे साफ हो रही है। दाउदनगर के एसडीपीओ अशोक कुमार के अनुसार, सरस्वती पूजा की शाम ये लड़कियां कुछ दोस्तों के साथ घूम रही थीं। परिजनों ने जब इन्हें देख लिया तो लोक-लाज और अनुशासन के चलते उन्हें फटकार लगाई। बस इसी डांट से नाराज होकर 12 से 15 साल की इन मासूम बच्चियों ने अपनी जीवनलीला समाप्त करने का फैसला कर लिया।
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खामोश गांव
समाज और पुलिस की कानूनी प्रक्रिया के डर से परिजनों ने इस मामले को दबाने की कोशिश की। चारों मृत बच्चियों का अंतिम संस्कार गांव वालों ने आनन-फानन में एक ही चिता पर कर दिया। जब मीडिया की टीम गांव पहुंची, तो वहां सन्नाटा पसरा मिला और ग्रामीण कुछ भी बोलने से कतरा रहे थे। एक मृत बच्ची के पिता, जो महाराष्ट्र में मजदूरी करते हैं, वह भी इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि इतनी छोटी उम्र में उनकी बेटी ऐसा कदम उठा सकती है।
