पूर्णिया सांसद पप्पू यादव, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pappu Yadav Released From Jail: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने सभी मामलों में जमानत मिलने और जेल से रिहा होने के बाद सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने सीधे तौर पर दावा किया कि जेल के अंदर उन्हें जान से मरवाने की साजिश रची गई थी। पप्पू यादव ने कहा कि उन्हें खत्म करने के लिए षड्यंत्रकारियों ने पूरा जाल बिछाया था, लेकिन जनता के आशीर्वाद से वे सुरक्षित बाहर आ गए हैं।
इस दौरान उन्होंने बेहद आक्रामक तेवर अपनाते हुए सरकार को खुली चुनौती दी और कहा कि वे न तो डरेंगे और न ही झुकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज और बुलंद करेंगे और जल्द ही जनता के बीच जाकर उन चेहरों को बेनकाब करेंगे जो उनकी हत्या की फिराक में थे। इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू होने की संभावना बढ़ गई है।
पटना बेउर जेल से निकलने पर पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि मुझे नहीं पता कि प्रशासन ने ऐसा क्यों किया। सरकार में एक दो लोग हैं जिन्होंने बदमाशी की है। एक दिल्ली के नेता, एक बिहार के नेता और एक पुर्णिया के नेता की ये साजिश थी… खेमका हत्याकांड में जो एनकाउंटर हुआ वो गलत बच्चे का हुआ। हमें वो गवाही मिल गई है। बच्चों को 4 बजे निकालकर गोली मारी गई। मैं हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाऊंगा और केस लड़ूंगा… NEET की बच्ची की लड़ाई मैं रुकने नहीं दूंगा। जिन लोगों ने भी हमारा समर्थन किया मैं उनका ऋणी हूं… मुझे मरवाने की भी कोशिश हुई।
#WATCH पटना, बिहार: पटना बेउर जेल से निकलने पर पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा, “मुझे नहीं पता कि प्रशासन ने ऐसा क्यों किया। सरकार में एक दो लोग हैं जिन्होंने बदमाशी की है। … एक दिल्ली के नेता, एक बिहार के नेता और एक पुर्णिया के नेता की ये साजिश थी… खेमका… pic.twitter.com/IJbaCJoPdv — ANI_HindiNews (@AHindinews) February 13, 2026
दरअसल, सांसद पप्पू यादव को पटना के मंदिरी आवास पर 6 जनवरी की आधी रात को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले मौके पर खूब हंगामा हुआ। पप्पू यादव और उनके समर्थक पुलिसकर्मियों से वारंट को लेकर बहस करने लगे। रात 11 बजे सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह वहां पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद पुलिस सांसद को गिरफ्तार कर आईजीआईएमएस लेकर गई।
पटना के पुनाईचक के एक मकान को 1995 में कब्जा करने के आरोप में सांसद राजीव रंजन उर्फ पप्पू यादव पर शास्त्रीनगर टीओपी में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में यह केस गर्दनीबाग थाने में स्थानांतरित किया गया। तब शास्त्रीनगर टीओपी गर्दनीबाग थाना के अधीन था। पुलिस का कहना है कि मकान मालिक विनोद बिहारी लाल का आरोप है कि उसने जिस व्यक्ति को किराए पर मकान दिया था उसने पप्पू यादव के एक करीबी को बाद में दे दिया।
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मकान में राजनीतिक दल का कार्यालय संचालित किया जाने लगा। इससे मकान मालिक नाराज थे और उसने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। लगभग 31 साल से यह केस एमपी- एमएलए कोर्ट में चल रहा है। पुलिस कई दिनों से वारंट लेकर घूम रही थी।