पूर्णिया सांसद पप्पू यादव, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pappu Yadav gets Bail In All Cases: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के लिए कानूनी मोर्चे पर एक बड़ी जीत सामने आई है। उन्हें उनके खिलाफ चल रहे सभी लंबित मामलों में अदालत से जमानत मिल गई है। लंबे समय से कानूनी दांव-पेंचों का सामना कर रहे सांसद के समर्थकों में इस खबर के बाद खुशी की लहर है। पप्पू यादव ने हमेशा इन मामलों को राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताया था। अब सभी मामलों में बेल मिलने के बाद वे पूरी तरह से स्वतंत्र होकर अपने संसदीय क्षेत्र और जनता के बीच सक्रिय हो सकेंगे।
दरअसल, सांसद पप्पू यादव के खिलाफ पटना के अलग-अलग थानों समेत पूर्णिया में दर्ज तीन मामलों में जमानत मिल गई है। इनमें गर्दनीबाग और बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र से जुड़े केस भी शामिल हैं। अदालत से बेल मिलने के बाद अब उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। इन मामलों को लेकर पप्पू यादव न्यायिक हिरासत में थे और उनकी जमानत याचिकाओं पर सुनवाई चल रही थी।शुक्रवार को अदालत ने तीनों मामलों में उन्हें राहत देते हुए जमानत मंजूर कर ली। कोर्ट के फैसले के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर देखी जा रही है।
कानूनी सूत्रों के अनुसार, जमानत की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी रिहाई संभव होगी। संबंधित कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद ही जेल प्रशासन उन्हें रिहा करेगा। राजनीतिक गलियारों में भी इस फैसले की चर्चा तेज हो गई है। समर्थकों का कहना है कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा था और अब सच सामने आ गया है। वहीं विपक्षी दलों की ओर से मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
दरअसल, सांसद पप्पू यादव को पटना के मंदिरी आवास पर 6 जनवरी की आधी रात को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले मौके पर खूब हंगामा हुआ। पप्पू यादव और उनके समर्थक पुलिसकर्मियों से वारंट को लेकर बहस करने लगे। रात 11 बजे सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह वहां पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद पुलिस सांसद को गिरफ्तार कर आईजीआईएमएस लेकर गई।
पटना के पुनाईचक के एक मकान को 1995 में कब्जा करने के आरोप में सांसद राजीव रंजन उर्फ पप्पू यादव पर शास्त्रीनगर टीओपी में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में यह केस गर्दनीबाग थाने में स्थानांतरित किया गया। तब शास्त्रीनगर टीओपी गर्दनीबाग थाना के अधीन था। पुलिस का कहना है कि मकान मालिक विनोद बिहारी लाल का आरोप है कि उसने जिस व्यक्ति को किराए पर मकान दिया था उसने पप्पू यादव के एक करीबी को बाद में दे दिया।
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मकान में राजनीतिक दल का कार्यालय संचालित किया जाने लगा। इससे मकान मालिक नाराज थे और उसने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। लगभग 31 साल से यह केस एमपी- एमएलए कोर्ट में चल रहा है। पुलिस कई दिनों से वारंट लेकर घूम रही थी।