चेरिया बरियारपुर विधानसभा में RJD का दबदबा बरकरार, 2025 में NDA के लिए राह आसान नहीं
Cheria-Bariarpur Vidhansabha: चेरिया बरियारपुर में राजद की लगातार बड़ी जीतों के बाद 2025 में एनडीए को कड़ी चुनौती का सामना करना होगा, जहां बाढ़, कृषि और जातीय समीकरण प्रमुख चुनावी मुद्दे होंगे।
- Written By: उज्जवल सिन्हा
चेरिया बरियापुर सीट (फोटो-सोशल मीडिया)
Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच, बेगूसराय जिले की चेरिया बरियारपुर विधानसभा सीट (सीट नंबर 141) प्रमुखता से चर्चा में है। मध्य गंगा मैदानों में स्थित यह सीट बुढ़ी गंडक, करेह और बागमती नदियों से घिरी है, जिसके कारण यह निचला भूभाग मानसून में अक्सर बाढ़ की चपेट में रहता है। यह कारक यहाँ की राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों को गहराई से प्रभावित करता है।
कृषि यहाँ की मुख्य आजीविका है (धान, गेहूं और मक्का प्रमुख फसलें), लेकिन हर साल लाखों हेक्टेयर फसल बर्बाद होने से किसान परेशान हैं, जिसने इस सीट को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा “बाढ़ प्रभावित जिला” घोषित करने की मांग का केंद्र बना दिया है।
बदलाव का जनादेश और राजद का दबदबा
1977 में गठित इस सामान्य सीट पर अब तक 11 बार विधानसभा चुनाव हुए हैं, लेकिन मतदाताओं ने ज्यादातर बार बदलाव के पक्ष में फैसला सुनाया है। राजद ने यहां 2000 और 2020 में जीत हासिल की, जबकि जदयू को 2010 और 2015 में जीत मिली थी। 1977-85 में कांग्रेस, 1990-95 में जनता दल, 2005 में लोजपा को भी जीत हासिल हो चुकी है।
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राजद को मिली भारी भरकम जीत
साल 2020 में राजबंशी महतो ने जदयू की मंजू वर्मा को 40,897 वोटों के बड़े अंतर से हराया। वहीं 2000 में राजद ने 35,154 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। लगातार बड़े मार्जिन से राजद की जीतें यह दर्शाती हैं कि राजद गठबंधन के लिए यह सीट एक मजबूत आधार रखती है।
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जातीय समीकरण और 2025 की चुनौती
चेरिया बरियारपुर में जातीय समीकरण निर्णायक हैं। इस सीट पर कुशवाहा समुदाय का दबदबा है। यादव, भूमिहार और पिछड़े वोटर भी प्रभावी हैं। 2025 के चुनाव में एनडीए (जदयू-बीजेपी) को इस सीट पर जीत के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी, खासकर इसलिए क्योंकि राजद यहाँ लगातार बड़े अंतर से जीतती रही है। विपक्ष मतदाता सूची विवाद (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर वोट चोरी का आरोप लगा रहा है, जो चुनावी माहौल को गरमाएगा। जनसुराज और अन्य नई पार्टियां भी मैदान में हैं, जो जातीय समीकरणों को प्रभावित कर सकती हैं।
मतदाताओं का गणित और प्रमुख मुद्दे
चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र में कुल 2,71,391 मतदाता हैं, जिनमें 1,41,838 पुरुष और 1,29,537 महिला मतदाता शामिल हैं। 2025 चुनाव में बाढ़ नियंत्रण, रोजगार, शिक्षा और कृषि सुधार प्रमुख मुद्दे होंगे। बेगूसराय भले ही वामपंथी विचारों का गढ़ रहा हो, लेकिन अब चेरिया बरियारपुर का जनादेश जातीय समीकरणों और महागठबंधन (राजद-कांग्रेस) के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
