Bihar MLC चुनाव के लिए एनडीए के 9 उम्मीदवारों ने भरा नामांकन, उपेंद्र कुशवाहा और बेटे दीपक प्रकाश ने बनाई दूरी
Bihar MLC Elections 2026: बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के चुनाव और उप-चुनाव के लिए एनडीए के 9 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर दिया है। लेकिन उपेंद्र कुशवाहा और दीपक प्रकाश RLM कार्यालय में बैठे रहे।
- Written By: स्निग्धा श्रीवास्तव
दीपक प्रकाश- उपेंद्र कुशवाहा (सोर्स- सोशल मीडिया)
NDA Candidates Filed Nominations For The Bihar MLC Elections 2026: सोमवार को बिहार विधान परिषद की 9 सीटों के चुनाव और 1 सीट के उप-चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सारे उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया। इस दौरान विधानसभा परिसर में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और लोक जनशक्ति पार्टी – रामविलास (एलजेपी-आर) के नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी मौजूद रहे।
हालांकि इस दौरान राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और उनके मंत्री बेटे दीपक प्रकाश कुशवाहा विधानसभा परिसर नहीं पहुंचे, दोनों रालोमो के दफ्तर में ही बैठे रहे। लेकिन उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के विधायक दल के नेता माधव आनंद विधानसभा परिसर में मौजूद रहे। जिसे लेकर सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई। एमएलसी चुनाव में दीपक प्रकाश कुशवाहा को उम्मीदवार नहीं बनाए जाने पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) और भाजपा के रिश्तों को लेकर कई अटकले भी लगाई जा रही है।
उम्मीदवारों को दी शुभकामनाएं
आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि जिन लोगों ने नामांकन किया है सबको मेरी ओर से शुभकामनाएं..सब लोगों के जीत की गारंटी भी है और सभी निर्विरोध चुने जाएंगे। एक सीट मिलने वाली थी..इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वो मामला तो ओवर हो गया है…आगे किसी दूसरे विकल्प के सवाल पर उन्होंने बताया कि उनके बेटे को एनडीए के नेताओं ने मिलकर मंत्री बनाया था… जब तक के लिए बनाया है तब तक वे मंत्री बने रहेंगे।
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#WATCH पटना, बिहार: NDA नेताओं के MLC नामांकन पर RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, "इसमें नाराजगी का काई सवाल नहीं है। बात-चीत होती रहती है…NDA के तमाम उम्मीदवारों को शुभकामना हैं।" pic.twitter.com/zpOMOxbz2W — ANI_HindiNews (@AHindinews) June 8, 2026
राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल होंगे उपेंद्र कुशवाहा
एमएलसी चुनाव से विधान पार्षद बनकर दीपक कुशवाहा के पास मंत्री का पद बचाने का मौका था लेकिन भाजपा ने उन्हें यह मौका नहीं दिया। उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली रवाना हो रहे है जहां वे 13 जून को राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय महाधिवेशन और राष्ट्रीय परिषद की बैठक में शामिल होंगे। जहां पार्टी अध्यक्ष पद पर कुशवाहा की फिर ताजपोशी हो सकती है।
ऐसा माना जा रहा है कि रालोमो ने भाजपा में विलय के ऑफर को ठुकरा दिया था इसलिए भाजपा ने दीपक प्रकाश का नाम एमएलसी के लिए नहीं दिया। उपेंद्र कुशवाहा ने कल कहा भी था कि बहुत दिनों से विलय की चर्चा उड़ती रही है, लेकिन दुनिया की कोई ताकत ऐसा नहीं कर सकती है.. रालोमो एनडीए में था, है और आगे भी रहेगा।
एनडीए की जीत तय
विशेषज्ञो के अनुसार बिहार विधानसभा में 202 विधायकों वाले एनडीए गठबंधन 9 सीट के चुनाव में 8 सीट जीत सकता है। एनडीए ने द्विवार्षिक चुनाव से भरी जा रही 6 साल के कार्यकाल वाली इन सीटों के लिए भाजपा से 4, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से 3 और लोजपा-आर से 1 उम्मीदवार उतारे हैं। 1 सीट विपक्ष भी जीत सकता है, जिसके लिए राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई और मौजूदा एमएलसी सुनील सिंह को फिर टिकट दिया है।
दीपक प्रकाश के मंत्री पद मंडरा रहा खतरा
बता दें कि दीपक प्रकाश वर्तमान में बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं, लेकिन दीपक प्रकाश किसी सदन के सदस्य नहीं है। नियमों के अनुसार 6 महीने के अंदर अगर वे किसी सदन के सदस्य नही बनते है तो उन्हे मंत्री पद छोड़ना पड सकता है। चर्चा थी कि एक सीट उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को मिल सकती है, लेकिन उम्मीदवारों की घोषणा के बाद यह तय हो गया कि एनडीए में सभी 8 सीटों का बंटवारा हो चुका है।
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नीतीश सरकार में 5 महीने चली उस सरकार के दौरान दीपक किसी सदन के सदस्य नहीं बन पाए। सम्राट चौधरी सरकार में 7 मई को उन्हें दोबारा मौका मिला लेकिन अब एमएलए या एमएलसी नहीं बन पाने के बाद कभी भी दीपक को पंचायती राज मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है।
