
मोहम्मद ताजुद्दीन और औरंगजेब की फाइल फोटो।
Mohammad Tajuddin Controversial Statement : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सामाजिक सद्भाव और भाषा की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के केशोपुर निवासी मोहम्मद ताजुद्दीन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह ब्राह्मण समाज और हिंदू मंदिरों के इतिहास को लेकर बेहद आपत्तिजनक और विवादित टिप्पणियां करता नजर आ रहा है।
वीडियो में ताजुद्दीन ने मुगल शासक औरंगजेब का बचाव करते हुए दावा किया है कि मंदिरों को इसलिए तोड़ा गया, क्योंकि वहां ब्राह्मण रेप किया करते थे। वह मथुरा के केशवदेव मंदिर और काशी के ज्ञानवापी के संदर्भ में ऐसे मनगढ़ंत तर्क दे रहा है, जिनका प्रमाणित ऐतिहासिक आधार नहीं है। ताजुद्दीन का कहना है कि उसने यह सब पुस्तकों में पढ़ा है, लेकिन उसके दावों में नफरत और समाज को बांटने वाली भाषा साफ झलक रही है।
ताजुद्दीन ने ब्राह्मण समुदाय को सीधे तौर पर निशाना बनाते हुए उन पर अभद्र आरोप लगाए हैं। वह वीडियो में कहता है कि इतिहास को लोगों से छिपाया गया है और वह सच्चाई सामने ला रहा है। उसने ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर भी विवादित तर्क दिए हैं, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की पूरी आशंका है। इस तरह के बयानों से इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है।
यह भी पढ़ें : ब्राह्मण की बेटी संग संबंध नहीं…IAS के बयान से MP में कलेश, समाज में आक्रोश और आंदोलन की चेतावनी
हैरानी की बात यह है कि ताजुद्दीन ने वीडियो के अंत में बिहार पुलिस और प्रशासन को खुली चुनौती दी है। उसने कहा कि उसे जेल जाने या गिरफ्तारी का कोई डर नहीं है। वह भविष्य में चुनाव लड़कर विधायक या सांसद बनने के सपने भी देख रहा है। खुद को कानून और संविधान के अनुच्छेद 20 का जानकार बताते हुए उसने पुलिस से कहा कि यदि कोई समस्या है तो सीधे उससे बात की जाए, लेकिन उसके परिवार को परेशान न किया जाए। फिलहाल इस भड़काऊ वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है। लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि, अब तक प्रशासन या पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या एफआईआर की सूचना सामने नहीं आई है।






