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Bihar Liquor Ban 2025 Statistics: बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू हुए लगभग नौ साल बीत चुके हैं, लेकिन तस्करों का जाल अब भी गहरा बना हुआ है। साल 2025 के आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि पुलिस की सख्ती के बावजूद शराब की खेप राज्य में लगातार पहुंच रही है, जिससे इस कानून की जमीनी हकीकत पर बहस छिड़ गई है।
बिहार सरकार ने अप्रैल 2016 में राज्य के भीतर शराब के निर्माण, व्यापार, भंडारण और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था। हालांकि, हाल ही में जारी 2025 के आंकड़े एक अलग ही कहानी बयां कर रहे हैं। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, अकेले वर्ष 2025 में बिहार पुलिस ने कुल 36.3 लाख लीटर से अधिक शराब जब्त की है। यह आंकड़ा न केवल कानून के उल्लंघन की व्यापकता को दर्शाता है, बल्कि तस्करी के सिंडिकेट की सक्रियता की ओर भी इशारा करता है।
जब्त की गई शराब के विश्लेषण से पता चलता है कि बिहार में विदेशी शराब की मांग और आपूर्ति दोनों अधिक हैं। 2025 की कुल जब्ती में 18.99 लाख लीटर भारत निर्मित विदेशी शराब (IMFL) और 17.39 लाख लीटर देशी शराब शामिल थी। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने 1,31,628 लीटर अन्य अवैध शराब भी बरामद की है। डीजीपी के अनुसार, जब्ती और गिरफ्तारी के इन मामलों में पिछले वर्षों की तुलना में लगभग 25 से 30 प्रतिशत की समग्र वृद्धि देखी गई है।
शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस ने गिरफ्तारियों की रफ्तार भी तेज की है। आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में कुल 1,25,456 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 2024 में यह संख्या 1,21,671 थी। यह गिरफ्तारियों में लगभग तीन प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। हालांकि प्रशासन इसे अपनी सक्रियता मान रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का एक वर्ग इसे समाज में अवैध गतिविधियों के विस्तार के रूप में देख रहा है।
पुलिस अब केवल शराब पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि तस्करों के आर्थिक तंत्र को ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रही है। डीजीपी ने बताया कि 2025 में 289 बड़े तस्करों की पहचान की गई है, जिन्होंने अवैध व्यापार से अकूत संपत्ति अर्जित की है। इन अपराधियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 के तहत संपत्ति कुर्की और जब्ती की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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शराब तस्करी रोकने के लिए ‘विशेष अभियान समूह’ (SOG) ने अपनी सक्रियता बढ़ाई है। 2025 में कुल 38 अंतर-राज्यीय अभियान चलाए गए, जिनमें झारखंड (15), उत्तर प्रदेश (17), छत्तीसगढ़ (4) और मध्य प्रदेश (2) शामिल हैं। इन ऑपरेशनों के दौरान 2,27,182 लीटर शराब और 55 से अधिक वाहन जब्त किए गए। 2024 के मुकाबले, जहां केवल 4 ऐसे अभियान चले थे, 2025 की यह कार्रवाई पुलिस की आक्रामक रणनीति को स्पष्ट करती है। राहत की बात यह रही कि सख्त निगरानी के चलते 2025 में कोई बड़ी जहरीली शराब त्रासदी सामने नहीं आई है।






